
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में शुक्रवार, 25 जुलाई को एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां नियंत्रण रेखा (LOC) के पास कृष्णा घाटी इलाके में गश्त के दौरान बारूदी सुरंग में विस्फोट हो गया। इस हादसे में 7 जाट रेजिमेंट के एक अग्निवीर जवान ललित कुमार शहीद हो गए, जबकि दो अन्य जवान घायल हो गए।
सेना अधिकारियों के अनुसार, हादसे के समय जवान नियमित गश्त पर थे, तभी वे बारूदी सुरंग की चपेट में आ गए। घायलों में से एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) हैं, जिन्हें तुरंत सैन्य अस्पताल ले जाया गया। राहत की बात यह है कि उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
सेना ने दी श्रद्धांजलि, कहा- देश को है अपने सपूत पर गर्व
भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए शहीद जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पोस्ट में लिखा गया- जीओसी व्हाइट नाइट कोर और सभी रैंक की ओर से 7 जाट रेजिमेंट के अग्निवीर ललित कुमार को श्रद्धांजलि, जिन्होंने कृष्णा घाटी ब्रिगेड क्षेत्र में गश्त के दौरान बारूदी सुरंग विस्फोट में सर्वोच्च बलिदान दिया। सेना ने आगे लिखा कि वे इस दुख की घड़ी में शहीद के परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। इस बहादुर जवान की शहादत को भारत हमेशा याद रखेगा।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जताया दुख
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी अग्निवीर ललित कुमार की शहादत पर दुख जताया और श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपने संदेश में लिखा- मैं अग्निवीर ललित कुमार को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। पूरा देश इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़ा है। उनका यह बयान पूरे देश की भावना को दर्शाता है, जो अपने जवानों के बलिदान को हमेशा सलाम करता है।
अग्निवीर योजना के तहत सेना में शामिल हुए थे ललित
शहीद ललित कुमार भारतीय सेना में अग्निवीर योजना के तहत शामिल हुए थे। यह योजना युवाओं को सीमित समय के लिए सेना में सेवा देने का मौका देती है। ललित कुमार ने कम समय में ही अपने कर्तव्य और साहस से सबका दिल जीत लिया था। उनकी शहादत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि चाहे सेवा का समय छोटा हो या बड़ा, भारत का हर जवान अपने देश के लिए जान देने को तैयार रहता है। उनकी बहादुरी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।
