नई दिल्ली: अमेरिका और इजराइल द्वारा कथित रूप से किए गए हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों की मौत की खबरों के बीच भारत में भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश से लेकर जम्मू-कश्मीर तक विरोध प्रदर्शनों के बीच AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस हमले की पुरजोर निंदा की है।
ओवैसी ने पत्रकारों से बात करते हुए इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन करार दिया और इसे एक कायरतापूर्ण कार्रवाई बताया। उन्होंने रमजान के महीने में किए गए इस हमले के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जिम्मेदार ठहराया।
‘यह एक अमानवीय और गैरकानूनी हमला है’
असदुद्दीन ओवैसी ने खामेनेई की हत्या को लेकर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह हमला पूरी तरह से अनैतिक और गैरकानूनी है।
“रमजान के पाक महीने में ईरान के एक सम्मानित नेता, अयातुल्ला खामेनेई की हत्या कर दी गई है। यह एक कायरतापूर्ण और अमानवीय हमला है। नेतन्याहू इंसानियत को नहीं मानते हैं।”- असदुद्दीन ओवैसी, अध्यक्ष, AIMIM
उन्होंने इस बात पर भी हैरानी जताई कि यह हमला उस वक्त हुआ जब जिनेवा में शांति वार्ता चल रही थी, जो मानवाधिकारों के पैरोकारों का पर्दाफाश करता है।
भारत सरकार से हस्तक्षेप की अपील
ओवैसी ने इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारत सरकार से एक सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “युद्ध को तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए।” उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इस तरह की हिंसा और खामेनेई की हत्या की स्पष्ट रूप से निंदा करेगी और तनाव कम करने के लिए रचनात्मक कदम उठाएगी।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा बुरा असर
इस हमले के दूरगामी परिणामों पर चिंता जताते हुए ओवैसी ने चेतावनी दी कि अगर यह युद्ध जारी रहा तो इसके गंभीर आर्थिक परिणाम होंगे। उन्होंने कहा, “अगर यह युद्ध जारी रहा, तो तेल की कीमतें बढ़ेंगी और यहां तक कि 1 डॉलर का अंतर भी भारतीय अर्थव्यवस्था पर भारी असर डालेगा।” उन्होंने कहा कि वैश्विक तेल की कीमतों में वृद्धि से दुनिया भर के लोग प्रभावित होंगे। ओवैसी ने यह भी कहा कि ईरानी निश्चित रूप से इस हमले का बदला लेंगे।






