अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के महाराष्ट्र अध्यक्ष सुनील टटकरे ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ताजा वोट चोरी आरोपों को बचकाना करार दिया। उन्होंने कहा कि वोटर इतने समझदार हैं कि वे राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक द्वारा रची जा रही साजिश को आसानी से समझ जाते हैं। टटकरे ने यह टिप्पणी नागपुर में पार्टी के चिंतन शिविर से एक दिन पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की, जहां पार्टी के शीर्ष नेता और पदाधिकारी शामिल होंगे।
सुनील टटकरे ने राहुल गांधी के आरोपों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर वे जरूर महत्वपूर्ण पद पर हैं, लेकिन उन्हें बूथ स्तर की चुनावी प्रक्रिया का ज्ञान नहीं है। राहुल गांधी ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरों की रक्षा करने का आरोप लगाया था और कर्नाटक की एक विधानसभा सीट के आंकड़ों का हवाला देकर दावा किया था कि कांग्रेस समर्थकों के वोटों को व्यवस्थित रूप से हटाया जा रहा है। टटकरे ने इसे लोकसभा चुनावों में अच्छे प्रदर्शन के बाद नवंबर 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार को पचाने में असमर्थता का परिणाम बताया।
वोटर लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया
चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया का बचाव करते हुए सुनील टटकरे ने कहा कि हर बूथ पर वोटर सूची तैयार होने के बाद ईसी नए वोटरों के पंजीकरण के लिए समय देता है और सुझावों व आपत्तियों को आमंत्रित करता है। इसके बाद अंतिम सूची प्रकाशित की जाती है, जिसमें सभी पार्टियों के बूथ-स्तरीय और ब्लॉक-स्तरीय अधिकारी हिस्सा लेते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बूथ स्तर पर इन सूचियों की जांच के बाद ऐसे आरोप लगाना उचित नहीं है। रायगढ़ से लोकसभा सांसद टटकरे ने विपक्ष पर वोट चोरी जैसे आरोपों से जनता को भ्रमित करने का इल्जाम लगाया।
भारी बारिश, बाढ़ से किसानों को फसल क्षति
इसके अलावा, टटकरे ने राज्य में भारी बारिश और बाढ़ से किसानों को हुई फसल क्षति पर एनसीपी की चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पार्टी का रुख है कि कैबिनेट को फसल नुकसान पर रिपोर्ट मंगानी चाहिए और प्रभावित किसानों के हित में उचित निर्णय लेना चाहिए। महायुति गठबंधन में विकास निगमों के प्रमुखों की नियुक्ति के सवाल पर उन्होंने बताया कि गठबंधन की समन्वय समिति गठित हो चुकी है, जो प्रत्येक पार्टी के विधायकों की संख्या के आधार पर फैसला लेगी। मंगलवार को इसकी बैठक होनी है, जिसके बाद ड्राफ्ट तैयार कर तीनों सत्ताधारी दलों के नेताओं को सौंपा जाएगा।






