अमित शाह बोले मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया, तय हो गया कि कांग्रेस अंबेडकर विरोधी पार्टी है, आरक्षण विरोधी, संविधान विरोधी पार्टी है

गृह मंत्री ने कहा कांग्रेस के नेताओं ने कई बार खुद ही अपने आप को भारत रत्न दिए हैं। 1955 में नेहरू ने खुद को भारत रत्न दे दिया, 1971 में इंदिरा गांधी ने खुद को भारत रत्न दे दिया। लेकिन बाबा साहब को भारत रत्न 1990 में तब मिला जब कांग्रेस सत्ता में नहीं थी और भाजपा के समर्थन वाली सरकार थी।
Amit Shah

Amit Shah statement on insulting Ambedkar : बाबा साहब अंबेडकर अपमान मामले पर हंगामे और सियासी बवाल पर गृह मंत्री अमित शाह ने अब जवाब दिया है, उन्होंने भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए कहा कि  कल से कांग्रेस ने जिस तरह से तथ्यों को तोड़-मरोड़कर रखने का प्रयास किया है, ये अत्यंत निंदनीय है और मैं इसकी निंदा करना चाहता हूं। इससे तय हो गया कि कांग्रेस अंबेडकर विरोधी पार्टी है, कांग्रेस आरक्षण विरोधी और संविधान विरोधी पार्टी है।

अमित शाह ने कहा राज्यसभा में  दिए गए मेरे बयान को कांग्रेस और विपक्ष द्वारा तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। इससे पहले उन्होंने पीएम नरेन्द्र मोदी के बयानों को एडिट करके सार्वजनिक किया था। जब चुनाव चल रहे थे तो मेरे बयान को AI का उपयोग करके संपादित किया गया था और आज वे फिर मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं।

अमित शाह ने मीडिया से किया अनुरोध, मेरा पूरा बयान चलायें 

मैं मीडिया से भी अनुरोध करना चाहता हूं कि वह मेरा पूरा बयान जनता के सामने रखें। मैं उस पार्टी से हूं जो अंबेडकर का कभी अपमान नहीं कर सकती। पहले जनसंघ और फिर भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलने का प्रयास किया है। जब भी भारतीय जनता पार्टी सत्ता में रही, हमने बाबा साहब के सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार किया है। भारतीय जनता पार्टी ने आरक्षण को मजबूत करने का काम किया है।

खड़गे पर राहुल गांधी के दबाव में ये करने का आरोप 

अमित शाह ने कहा, मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी ये कहना चाहता हूं कि आपको कांग्रेस के इस कुत्सित प्रयास का समर्थन नहीं करना चाहिए था। मुझे बहुत दुख है कि राहुल गांधी के दबाव में आप भी इसमें शामिल हो गए हैं। हम जानते हैं कि देश के संविधान को समावेशी बनाने में, दलितों, आदिवासियों, वंचितों, गरीबों को न्याय दिलाने में और देश में लोकतंत्र की नींव को गहरा करने में बाबा साहब का बहुत बड़ा योगदान है। पूरा देश बाबा साहब के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है।

तथ्यों को तोड़-मरोड़कर रखने का प्रयास किया, मैं निंदा करता हूँ 

कल से कांग्रेस ने जिस तरह से तथ्यों को तोड़-मरोड़कर रखने का प्रयास किया है, ये अत्यंत निंदनीय है और मैं इसकी निंदा करना चाहता हूं। ये इसलिए हुआ क्योंकि भाजपा के वक्ताओं ने संविधान पर, संविधान की रचना के मूल्यों पर और जब-जब कांग्रेस या भाजपा का शासन रहा, तब शासन ने संविधान के मूल्यों का किस तरह से मूल्यांकन, संरक्षण और संवर्धन किया, इस पर तथ्यों और अनेक उदाहरण के साथ विषय रखे।

कांग्रेस अंबेडकर विरोधी, आरक्षण विरोधी और संविधान विरोधी पार्टी है

उन्होंने कहा, इससे तय हो गया कि कांग्रेस अंबेडकर विरोधी पार्टी है, कांग्रेस आरक्षण विरोधी और संविधान विरोधी पार्टी है। कांग्रेस ने सावरकर का भी अपमान किया, कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर संविधान के सारे मूल्यों की धज्जियां उड़ा दी, नारी सम्मान को भी वर्षों तक दरकिनार किया, न्यायपालिका का हमेशा अपमान किया, सेना के शहीदों का अपमान किया और भारत की भूमि तक को संविधान तोड़कर दूसरे देशों को देने की हिमाकत कांग्रेस के शासन में हुई।

कांग्रेस पुरानी पद्धति अपनाकर भ्रांति फैलाने का कुत्सित प्रयास कर रही 

अमित शाह ने कहा,  कल से कांग्रेस ने फिर एक बार अपनी पुरानी पद्धति को अपनाकर, बातों को तोड़-मरोड़कर और सत्य को असत्य के कपड़े पहनाकर समाज में भ्रांति फैलाने का एक कुत्सित प्रयास किया है। संसद में चर्चा के दौरान ये सिद्ध हो गया कि बाबा साहब अंबेडकर का कांग्रेस ने किस तरह से पुरजोर विरोध किया था। बाबा साहब के न रहने के बाद भी किस प्रकार से कांग्रेस ने उन्हें हाशिये पर धकेलने का प्रयास किया।

नेहरू और इंदिरा गांधी ने खुद को भारत रत्न दे दिया, बाबा साहब को नहीं 

गृह मंत्री ने कहा जहां तक भारत रत्न देने का सवाल है, कांग्रेस के नेताओं ने कई बार खुद ही अपने आप को भारत रत्न दिए हैं। 1955 में नेहरू ने खुद को भारत रत्न दे दिया, 1971 में इंदिरा गांधी ने खुद को भारत रत्न दे दिया। लेकिन बाबा साहब को भारत रत्न 1990 में तब मिला जब कांग्रेस सत्ता में नहीं थी और भाजपा के समर्थन वाली सरकार थी। 1990 तक कांग्रेस बाबा साहब को भारत रत्न न मिले, इसके लिए प्रयास करती रही। यहां तक कि बाबा साहब की 100वीं जयंती को मनाने की मनाही कर दी गई।

कांग्रेस ने कभी बाबा साहब अंबेडकर का कोई स्मारक नहीं बनाया 

जब तक कांग्रेस सत्ता में रही बाबा साहब अंबेडकर का कोई स्मारक नहीं बना। जहां-जहां विपक्ष की सरकारें आती गईं, स्मारक बनते गए। भाजपा की सरकारों ने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने बाबा साहब के जीवन से संबंधित पंचतीर्थ का विकास किया, मध्य प्रदेश में महू, लंदन में बाब साहब के स्मारक, नागपुर में दीक्षाभूमि, दिल्ली में राष्ट्रीय स्मारक और महाराष्ट्र के मुंबई में चैत्यभूमि का विकास करने का काम भाजपा की सरकारों ने किया।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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