पश्चिम बंगाल के डेबरा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपा की चुनावी रैली को संबोधित करते हुए स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा। उन्होंने साफ कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनना तय है। शाह ने 23 अप्रैल को मतदान करने की अपील करते हुए लोगों से कमल के निशान का बटन दबाने का आग्रह किया। पश्चिम मेदिनीपुर में हुई इस जनसभा में अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल पर तीखा हमला बोला।
शाह ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने 15 साल तक ‘मां, माटी और मानुष’ का नारा देकर राज्य पर राज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान ममता बनर्जी ने युवाओं को बेरोजगार किया, लाठियां भांजीं, बहनों पर अत्याचार किए और किसानों को परेशान किया। शाह ने मुख्यमंत्री पर यह भी आरोप लगाया कि अब वे अपनी ‘कटमनी और सिंडिकेट’ से पूरे बंगाल को परेशान कर रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि उन्हें इस ‘कटमनी और सिंडिकेट’ राज से मुक्ति पानी है और एक ‘घुसपैठिया मुक्त बंगाल’ बनाना है।
घुसपैठ का मुद्दा: शाह ने ममता सरकार पर साधा निशाना
अमित शाह ने अपने भाषण में घुसपैठ के मुद्दे को भाजपा का सबसे बड़ा हथियार बनाते हुए बार-बार उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि बंगाल को घुसपैठियों से मुक्त कर दें, लेकिन ममता बनर्जी इन्हें संभालकर रखना चाहती हैं। शाह ने ममता बनर्जी को सीधी चुनौती देते हुए कहा, ‘ममता दीदी, जितना जोर लगाना है, लगा दो, हम एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुनकर बंगाल से बाहर निकालेंगे।’
केंद्रीय गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य में घुसपैठिये युवाओं की नौकरियां छीन रहे हैं और गरीबों का हक खा रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ममता बनर्जी की सरकार इन घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है। शाह ने चेतावनी दी कि चुनाव के बाद भाजपा की सरकार बनते ही एक-एक घुसपैठिये को राज्य से बाहर निकाला जाएगा। शाह ने दावा किया कि घुसपैठिये न सिर्फ रोजगार छीन रहे हैं बल्कि राज्य में गुंडागर्दी भी फैला रहे हैं। उन्होंने ममता सरकार पर जानबूझकर इस समस्या को खत्म नहीं करने का आरोप लगाया और भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार बनने पर इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।
शाह ने कहा कि बंगाल में हर जगह सिंडिकेट का कब्जा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चाहे सीमेंट खरीदना हो या बालू, हर जगह लोगों को सिंडिकेट के कारण परेशान किया जाता है। शाह ने लोगों से कमल के फूल का बटन दबाकर इस सिंडिकेट राज को खत्म करने की अपील की। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भाजपा सरकार बनने के बाद गुंडागर्दी करने वालों को जेल भेजा जाएगा और कानून का राज स्थापित किया जाएगा।
युवाओं को 3 हजार, किसानों को 9 हजार: भाजपा के वादे
अमित शाह ने युवाओं की बेरोजगारी को एक बड़ा मुद्दा बताते हुए कई आर्थिक मदद के वादे किए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर हर बेरोजगार को हर महीने 3 हजार रुपये दिए जाएंगे। शाह ने महिलाओं और किसानों के लिए भी आर्थिक सहायता का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हर बहन को हर महीने 3 हजार रुपये और किसानों को सालाना 9 हजार रुपये दिए जाएंगे। ये वादे राज्य की बड़ी आबादी को सीधे प्रभावित करने वाले हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में।
केंद्रीय गृह मंत्री ने घाताल बाढ़ समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1500 करोड़ रुपये का मास्टर प्लान दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने उसे ठुकरा दिया। शाह ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वे अपने भतीजे को मुख्यमंत्री बनाने में लगी हैं और विकास कार्यों पर ध्यान नहीं दे रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार बनने पर इस घाताल मास्टर प्लान को एक साल के भीतर लागू किया जाएगा, जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को राहत मिलेगी।
शाह ने अपनी रैली में घुसपैठ, कटमनी, सिंडिकेट राज, बेरोजगारी और विकास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सीधे तौर पर ममता बनर्जी की सरकार पर विफलताओं का आरोप लगाया और भाजपा के लिए समर्थन मांगते हुए ‘घुसपैठिया मुक्त बंगाल’ और एक नई विकासवादी सरकार का वादा किया। शाह का यह संबोधन पश्चिम बंगाल में भाजपा के चुनावी अभियान को और धार देने वाला माना जा रहा है।






