पश्चिम बंगाल: आशा-आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ा, नई दरें 1 अगस्त से लागू, अब खाते में आएंगे इतने रुपए

पश्चिम बंगाल सरकार ने रक्षाबंधन से पहले आशा और आंगनवाड़ी को तोहफा दिया है। सरकार ने इन कार्यकर्ताओं के मानदेय में 5,000 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की है।
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पश्चिम बंगाल की आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए खुशखबरी है। राज्य की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। नई दरें 1 अगस्त 2026 से प्रभावी होगी। बढ़े हुए मानदेय का लाभ सितंबर की सैलरी में देखने को मिलेगा। इस संबंध में दो अलग-अलग आदेश भी जारी किए गए हैं।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, राज्य में कार्यरत मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा) का मासिक निश्चित मानदेय अब 6,250 से बढ़ाकर सीधे 11,250 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। इसके अलावा उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) फंड से मिलने वाला मासिक प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन (इंसेंटिव) भी मिलता रहेगा। इस मानदेय वृद्धि के लिए राज्यपाल ने स्वीकृति दे दी है।

महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक कल्याण विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) के तहत काम करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त मानदेय में 5,000 रुपए प्रति माह की बढ़ोतरी की गई है। अब उन्हें कुल 14,000 रुपए प्रति माह का मानदेय मिलेगा। ​केंद्र पर काम करने वाली आंगनवाड़ी सहायिकाओं के मानदेय में भी 5,000 प्रति माह की वृद्धि की गई है। इस बदलाव के बाद अब सहायिकाओं को हर महीने कुल 11,800 रुपए प्रति माह दिए जाएंगे।

यह खर्च चालू वित्त वर्ष के राज्य बजट में महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्धारित मद से किया जाएगा। वित्त विभाग की सहमति के बाद सरकार ने इसके लिए आवश्यक फंड समय पर जारी करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि जून में पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार बजट में आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का वेतन 5,000 रुपये बढ़ाने की घोषणा की गई थी।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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