
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हाल ही में घोषित वस्तु एवं सेवा कर (GST) सुधारों का किसी भी बाहरी कारक, जैसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय सामानों पर 50% शुल्क की संभावना, से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सुधार डेढ़ साल पहले शुरू किए गए थे, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के लक्ष्य का हिस्सा हैं। वैष्णव ने कहा कि यह जीएसटी सुधार देश की अर्थव्यवस्था में परिवर्तनकारी बदलाव लाएगा।
वैष्णव ने बताया कि जीएसटी सुधारों की तैयारी डेढ़ साल पहले शुरू हुई थी, जो अमेरिकी चुनावों से भी पहले की बात है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों में पीएम मोदी ने हर कदम पर मार्गदर्शन किया है और बाहरी कारकों का इसमें कोई योगदान नहीं है। जीएसटी सुधार न केवल कर प्रणाली को बेहतर बनाएंगे, बल्कि आने वाले वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
जटिल कर प्रणाली का जिक्र
उन्होंने 2014 से पहले की जटिल कर प्रणाली का जिक्र करते हुए कहा कि पहले मालवाहक ट्रकों को राज्य सीमाओं पर लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता था। जीएसटी ने इस प्रक्रिया को सरल और निर्बाध बनाया है। वैष्णव ने कहा कि 2025-26 के बजट में आयकर राहत के साथ-साथ जीएसटी दरों का युक्तिकरण अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेगा।
चार स्लैब को घटाकर 2 किया
जीएसटी परिषद ने चार स्लैब को घटाकर दो (5% और 18%) करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिससे आवश्यक वस्तुओं, व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों, रेस्तरां भोजन, यात्रा, गैजेट्स और ऑटोमोबाइल्स सस्ते होंगे। ये बदलाव 22 सितंबर नवरात्रि के पहले दिन से लागू होंगे। पीएम मोदी ने इसे गेम चेंजर बताते हुए कहा कि इससे मेड इन इंडिया उत्पादों की मांग बढ़ेगी।
