असम में 5 जून को होगा मंत्रिमंडल का विस्तार, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर दी जानकारी

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य मंत्रिपरिषद के विस्तार की घोषणा की है। 5 जून को होगा कैबिनेट विस्तार, कई नए चेहरों को मौका मिलने की उम्मीद है।
Himanta Biswa Sarma

असम की राजनीति में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिलेगा। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद अब मंत्रिपरिषद का विस्तार होने जा रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को इस संबंध में महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि असम सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार 5 जून को किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा की है। उन्होंने लिखा, ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि असम सरकार की मंत्रिपरिषद का विस्तार 5 जून को होगा।’ यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में एनडीए ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 4 मई को हुई मतगणना में एनडीए ने 126 सदस्यीय विधानसभा में कुल 102 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की थी। इस शानदार जीत के बाद, 12 मई को गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरिनरी कॉलेज मैदान में हिमंत बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

नए मंत्रियों के नामों को लेकर सस्पेंस बरकरार

शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री के अलावा चार अन्य मंत्रियों ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। इनमें रामेश्वर तेली, अजंता नेओग, अतुल बोरा और चरण बोरो शामिल हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि मंत्रिमंडल में किन नए चेहरों को शामिल किया जाएगा। साथ ही, किन विभागों में बदलाव होगा, इस पर भी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन, असम के राजनीतिक हलकों में पिछले कई सप्ताह से मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर गहन चर्चा चल रही थी। माना जा रहा है कि इस विस्तार के जरिए मंत्रिपरिषद में खाली पड़े पदों को भरा जाएगा। इसके साथ ही, कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी बड़ा फेरबदल किया जा सकता है। वर्तमान में, मुख्यमंत्री के अलावा मंत्रिमंडल में केवल चार मंत्री ही शामिल हैं। इन मंत्रियों के पास कई-कई विभागों की जिम्मेदारी है।

राज्यपाल की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, रामेश्वर तेली को परिवर्तन एवं विकास, श्रम कल्याण तथा चाय जनजाति एवं आदिवासी कल्याण विभागों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। चाय जनजाति एवं आदिवासी कल्याण विभाग को उनके कार्यभार में शामिल किया जाना विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसका कारण यह है कि राज्य सरकार चाय बागान समुदायों के कल्याण पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी तरह, असम गण परिषद (एजीपी) के अध्यक्ष अतुल बोरा को भी कई महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं। उन्हें पंचायत एवं ग्रामीण विकास, असम समझौता क्रियान्वयन, सीमा संरक्षण एवं विकास तथा आबकारी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि असम समझौते के प्रावधानों को लागू करने और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को लेकर अतुल बोरा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। यह विस्तार राज्य के शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा और गतिशीलता लाने की उम्मीद है।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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