इस राज्य में स्थित है मंदिरों का शहर, नक्काशी और मूर्तियां मोह लेती है मन

इसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते होंगे। कुछ लोग तो बनारस, वृंदावन, मथुरा, तिरुपति या फिर हरिद्वार जैसे धार्मिक स्थलों को मंदिरों का शहर समझते होंगे, लेकिन जवाब इन सब से हटके है।
इस राज्य में स्थित है मंदिरों का शहर, नक्काशी और मूर्तियां मोह लेती है मन

City of Temples in India : हम एक ऐसे देश के नागरिक है, जहां सभी धर्म को बराबर का दर्जा दिया गया है। हिंदू धर्म की बात करें तो यहां सालों भर लोग त्योहार के उत्सव में डूबे रहते हैं। यहां की संस्कृति और विविधता सभी राज्यों के अलग-अलग है। इनका महत्व इसका मान बढ़ाती है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हर राज्य की अपने अलग-अलग पहचान होती है। कुछ खाद्य पदार्थों के लिए फेमस है, तो कुछ अद्भुत स्थान के लिए… कुछ शहर ऐसे हैं जहां सालों भर पर्यटकों की भीड़ भी देखने को मिलती है। यहां केवल देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लोग घूमने आते हैं।

मंदिरों का है अलग महत्व

भारत में बहने वाली नदियों को भी हमारे देश में मां का दर्जा दिया गया है, जिनकी सुबह-शाम घाटों पर आरती की जाती है। भजन-कीर्तन किए जाते हैं। हिंदू धर्म में लोगों की आस्था देवी-देवताओं के प्रति बहुत ज्यादा है। यही सबसे बड़ा मुख्य कारण है कि आपको हर एक शहर और गांव में कोई-ना-कोई मंदिर अवश्य देखने को मिलेगा। जिसके अपने अलग-अलग महत्व है और यह अपने साथ कई रहस्य समेटे हुए हैं। ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे शहर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे मंदिरों का शहर कहा जाता है। हालांकि, इसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते होंगे। कुछ लोग तो बनारस, वृंदावन, मथुरा, तिरुपति या फिर हरिद्वार जैसे धार्मिक स्थलों को मंदिरों का शहर समझते होंगे, लेकिन जवाब इन सब से हटके है।

उड़ीसा में है स्थित

दरअसल, भारत में स्थित भुवनेश्वर शहर को मंदिरों का शहर कहा जाता है जो कि उड़ीसा राज्य में स्थित है। यहां 500 से अधिक मंदिर स्थापित है, जहां सालों भर लोगों की भीड़ देखने को मिलती है। इन मंदिरों की वास्तुकला भक्तों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है। इनका इतिहास काफी साल पुराना माना जाता है, जो अपने आप में बहुत सारे रहस्य समेटे हुए हैं। यहां की अद्भुत वास्तुकला दूर-दूर के श्रद्धालुओं को भी अट्रैक्ट करती है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यूनेस्को की लिस्ट में इस सिटी का नाम शामिल है। यहां स्थित मंदिर प्राचीन काल की है, जिसकी नक्काशी बहुत अनोखी है।

लिंगराज मंदिर है स्थापित

इस शहर के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक लिंगराज मंदिर यहीं पर स्थित है, जहां भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित है। यहां शिवरात्रि और सावन में काफी अधिक भीड़ देखने को मिलती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण सोमवंशी राजवंश के राजाओं द्वारा किया गया था। इसके अलावा, आप यहां पर मुक्तेश्वर मंदिर, राजा-रानी मंदिर और अनंत देव मंदिर सहित अन्य कई मंदिरों में देवी-देवताओं के दर्शन कर सकते हैं।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
Sanjucta Pandit

सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
Follow Us :GoogleNews