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राज्यसभा में ‘अबोध बालक’ टिप्पणी पर सियासी बवाल, जेपी नड्डा के बयान पर विपक्ष हमलावर, बीजेपी का पलटवार

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने का अवसर न दिए जाने का मुद्दा उठाया। इसके बाद जेपी नड्डा ने इसे लोकसभा की कार्यवाही बताते हुए राज्यसभा में चर्चा के दायरे से बाहर बताया और इसी दौरान राहुल गांधी का नाम लिए बिना ये टिप्पणी की।
राज्यसभा में ‘अबोध बालक’ टिप्पणी पर सियासी बवाल, जेपी नड्डा के बयान पर विपक्ष हमलावर, बीजेपी का पलटवार

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संसद के बजट सत्र के आज राज्यसभा में ‘अबोध बालक’ टिप्पणी को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। यह विवाद नेता सदन जेपी नड्डा द्वारा बिना नाम लिए “अबोध बालक” शब्द का इस्तेमाल करने के बाद शुरू हुआ, जिसे विपक्ष ने लोकतांत्रिक मर्यादा का उल्लंघन बताया है।

ये मुद्दा राज्यसभा में हुई बहस के बीच उभरा जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने से रोकने का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष एवं विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सवाल किया। जब खड़गे यह मुद्दा उठा रहे थे तभी जेपी नड्डा ने कहा कि लोकसभा की कार्यवाही को यहां नहीं उठाया जा सकता। इसी दौरान उन्होंने ‘अबोध बालक’ वाली टिप्पणी की।

राज्यसभा में ‘अबोध बालक’ टिप्पणी पर हंगामा

संसद के बजट सत्र में आज लोकसभा में ‘अबोध बालक’  विवाद ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया। राज्यसभा में आज सुबह राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा शुरू होते ही मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने न दिए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता देश के हित के मुद्दों पर बोलना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोका गया। इस तरह सदन कैसे चलाया जा सकता है। इसपर नेता सदन जेपी नड्डा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि लोकसभा की कार्यवाही पर राज्यसभा में चर्चा नहीं हो सकती। उन्होंने खड़गे से कहा “आप हमसे बहुत सीनियर हैं। अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए।” इसपर मल्लिकार्जु खड़गे ने पलटवार करते हुए कहा कि आपकी पार्टी को तो मोदी जी ने बंधक बना रखा है, आप उनकी राय के बिना कुछ बोल भी नहीं सकते हैं।

विपक्ष और बीजेपी आमने सामने

इसे लेकर अब विपक्षी दल बीजेपी पर हमलावर हैं। राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि एक किताब ने इस सरकार को बेनकाब करके रख दिया है। उन्होंने कहा कि जेपी नड्डा जी आलोचना के लिए बेहतर शब्द चुन सकते थे, लेकिन शब्दावली की कमी राजनीतिक संकीर्णता का परिचायक है। वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस मामले पर कहा कि एक अबोध बालक के जिद के कारण सदन को बंधक बना लिया गया। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि एक अबोध बालक की ज़िद के कारण सदन को बंधक बना लिया गया और संसदीय इतिहास में उनका नाम काले अक्षरों से लिखा जाएगा।