CBSE की 3 भाषा नीति पर रोक नहीं, SC ने जारी किया NCERT और केंद्र को नोटिस, 10 दिनों में मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की 3 भाषा नीति पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इस मामले को लेकर एनसीईआरटी और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। 10 दिनों का समय दिया गया है। 
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की तीन भाषा नीति (CBSE 3 Language Policy) को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई के साथ-साथ केंद्र सरकार और एनसीईआरटी को भी नोटिस जारी किया है। 10 दिनों के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। 14 जुलाई को सीबीएसई की तीन भाषा नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की गई। CJI सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की बेंच ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद यह कदम उठाया है।

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की 3 भाषा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, “कोई भी भाषा सीखना कभी व्यर्थ नहीं जाता।” बता दें कि नई नीति के तहत कक्षा 6 से 9वीं तक छात्रों को 2 भारतीय भाषाएं पढ़नी होंगी। याचिककर्ताओं ने अंग्रेजी को “गैर-मातृभाषा” मानने के मुद्दे को उठाया है। मातृभाषाओं के लिए शिक्षकों और पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता पर भी चिंता व्यक्त की है। साथ ही इस पॉलिसी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

याचिकाकर्ताओं ने क्या कहा?

याचिककर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता आनंद ग्रोवर ने कहा कि, “सीबीएसई ने बिना किसी कानूनी अधिकार सर्कुलर जारी किया है। यह अधिकार सिर्फ एनसीईआरटी के पास है। बिना कोई विकल्प दिए भाषा को थोपा जा रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि, “एक बच्चे के तौर पर मुझे ऐसी भाषा सीखने का मौका मिलना चाहिए, जिससे मुझे रोजगार मिल सके।”

एडवोकेट गोपाल एस ने कहा कि, नई नीति अंग्रेजी को गैर-मातृभाषा मानती है और भारतीय भाषाओं को सीखना अनिवार्य करती है। 300 साल पुरानी भाषा को चुना है और अंग्रेजी को गैर स्थानीय भाषा माना है।” उन्होंने यह भी कहा कि, “कुछ मिनट पहले मैंने एनसीईआरटी की वेबसाइट देखी। उसपर केवल 3 किताबें की उपलब्ध हैं, न कि 22।”

वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने कहा कि, “29 जून 2026 के सर्कुलर में प्रावधानों में ढील दी गई है। लेकिन इसके बावजूद भी कई समस्याएं अभी भी मौजूद है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मूल रूप से 2030 तक इस नीति के कार्यान्वयन की परिकल्पना की गई थी।”

29 जुलाई को अगली सुनवाई 

केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने जवाब दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से 2 हफ्ते का समय मांगा। लेकिन CJI ने 10 दिनों के भीतर की जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी।

बता दें कि सीबीएसई ने अपने नए सर्कुलर में स्पष्ट किया है, “कक्षा दसवीं में तीसरी भाषा या R3 की बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। इसका मूल्यांकन पूरे तरीके से अंतरिम अंकों के आधार पर किया जाएगा। लेकिन यदि कोई छात्र इंटरनल असेस्मेंट में फेल होता है, तो उसे सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाएगा।”

Manisha Kumari Pandey
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