UPI से पेमेंट करने पर लगने वाले चार्ज की की ख़बरों ने डिजिटल पेमेंट की आदत बना चुके लोगों को परेशानी में डाल दिया है, 2000/- रुपये से अधिक के पेमेंट पर लगने वाली चार्ज को लेकर आई ख़बरों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, हालाँकि इन चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है अफवाहों से बचें उपभोक्ताओं के लिए अभी भी UPI फ्री है , सरकार ने कहा है कि P2P यानि पर्सन टू पर्सन पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि नए UPI फ्रेमवर्क का पर्सन टू पर्सन यानि P2P (व्यक्ति-से-व्यक्ति) ट्रांजैक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ट्रांसफर की गई रकम चाहे कितनी भी हो, सभी P2P ट्रांजैक्शन के लिए UPI पूरी तरह से मुफ्त रहेगा। मंत्रालय ने कहा मर्चेंट को 2,000 रुपये तक का पेमेंट और छोटे मर्चेंट के लिए जीरो -MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट, Merchant Discount Rate) फ्रेमवर्क के तहत आने वाले ट्रांजैक्शन भी मुफ्त रहेंगे अर्थात सभी P2M ट्रांजैक्शन में से लगभग 96% पर कोई असर नहीं पड़ेगा। MDR सिर्फ 2,000/- रुपये से ज्यादा के खास मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा।
मंत्रालय का UPI को लेकर स्पष्टीकरण
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि MDR न तो कोई टैक्स है और न ही सरकार या NPCI द्वारा वसूला जाने वाला कोई शुल्क है। इसे UPI इकोसिस्टम के कामकाज और इसके लगातार विस्तार को सपोर्ट करने के लिए पेमेंट इकोसिस्टम में शामिल लोगों (जैसे बैंक और पेमेंट एप्लीकेशन प्रोवाइडर) के बीच बांटा जाता है। UPI स्टीयरिंग कमेटी की चर्चा के बाद ‘पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007’ के तहत लाए गए इस फ्रेमवर्क का मकसद UPI की लंबे समय तक चलने की क्षमता को पक्का करना है, साथ ही लोगों और छोटे व्यापारियों को अतिरिक्त शुल्क से बचाना भी है।
सोशल मीडिया पर भी जारी की पूरी जानकारी
मंत्रालय ने X पर भी बिन्दुवार UPI पेमेंट की जानकारी साझा की है जिसमें बताया गया है कि कस्टमर्स के लिए UPI का इस्तेमाल मुफ़्त बना हुआ है। दोस्तों को पैसे भेजना हो, दुकानों पर पेमेंट करना हो या फिर QR कोड स्कैन करना हो इन सभी पर कोई चार्ज नहीं लगता।
- P2P पर कोई चार्ज नहीं: पर्सन-टू-पर्सन (एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को) ट्रांसफर मुफ्त है चाहे रकम कितनी भी हो।
छोटे व्यापारियों को सुरक्षा: UPI QR कोड के जरिये हर महीने 1 लाख रुपये तक कमाने वाले व्यापारियों के लिए कोई चार्ज नहीं। - करीब 96% पेमेंट सुरक्षित: लगभग 96% मर्चेंट पेमेंट 2,000 रुपये से कम के होते हैं, ये अभी भी फ्री हैं, इसपर कोई चार्ज नहीं है।
- 2,000 रुपये से ज़्यादा पर मामूली MDR: 2,000 रुपये से ज्यादा बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर व्यापारियों को 0.4% शुल्क देना होगा जो क्रेडिट कार्ड या दूसरे नेटवर्क चार्ज की तुलना में बहुत कम है।
- जरूरी सेवाओं पर शुल्क: रेलवे, फ्यूल, टेलीकॉम, बिल पेमेंट, इंश्योरेंस वगैरह के लिए 2,000 रुपये से ज़्यादा के ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये का फिक्स्ड शुल्क है।
इसलिए ये बदलाव करना जरूरी
वित्त मंत्रालय ने कहा 2016 में लॉन्च होने के बाद से UPI दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम इंटरऑपरेबल पेमेंट सिस्टम बन गया है और यह पूरी तरह से भारत की अपनी शर्तों पर हुआ है। अकेले अगस्त 2026 में UPI ने 24.5 अरब ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए। इस सिस्टम को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और इनोवेटिव बनाए रखने के लिए, ज़्यादा कीमत वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शनपर लगने वाला छोटा सा शुल्क बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सिक्योरिटी, टियर III-VI शहरों और ग्रामीण इलाकों में छोटे व्यापारियों को मदद और UPI के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए जागरूकता और इंसेंटिव में मदद करता है।
🔰 UPI Remains Free for Consumers
UPI continues to be free for customers. Sending money to friends, paying at shops, or scanning a QR code — all remain without charges.
Key Facts:
✅ No charges on P2P: Person-to-Person transfers are always free, regardless of amount.
✅ Small… pic.twitter.com/PyQ7hotNMN— Ministry of Finance (@FinMinIndia) September 16, 2026






