आखिर क्यों मुलायम को लेकर सॉफ्ट हुए मोहन यादव, अखिलेश पर किया प्रहार, यूपी की राजनीति में क्या हैं इस बयान के मायने

मोहन यादव ने अखिलेश के द्वारा सत्ता को लेकर पिता के प्रति किए गए विद्रोह से आहत यादव समाज के एक बड़े वर्ग को यह संदेश भी दिया है कि अखिलेश और मुलायम सिंह जी की विचारधारा में मुलायम के लिए पहले समाज के वर्गों की चिंता प्राथमिकता से रही है और अखिलेश के लिये सत्ता सर्वोपरि है।
Mohan Yadav Mahoba

Mohan Yadav Mahoba : सीएम मोहन यादव मध्य प्रदेश के चारों चरण खत्म होने के बाद पांच राज्यों के चुनावी दौरे पर हैं। इन राज्यों में मोहन यादव सभाओं के साथ रोड शो कर भाजपा की जीत की नींव को और मजबूत करेंगे। सीएम ने आज महोबा सभा में जहां एक और यदुवंश शिरोमणि भगवान श्री कृष्ण से शिक्षा के महत्व की बात कही वहीं दूसरी ओर उन्होंने स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की भी तारीफ की।

सीएम मोहन यादव ने की मुलायम सिंह यादव की तारीफ 

मोहन यादव ने अपने भाषण में कहा कि एक ओर जहां मुलायम जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिर से प्रधानमंत्री बनने की बात कही थी वहीं दूसरी ओर उनके बेटे अखिलेश यादव डूबते हुए जहाज में सवार हैं।

सलाम करना है तो ऊगते सूरज को करो 

मोहन यादव ने यह भी कहा कि अगर सलाम करना है तो ऊगते हुए सूरज को करें, मुलायम सिंह जी ने कभी डूबने वाली पार्टी से हाथ नहीं मिलाया और वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव हारने वाले इंडी गठबंधन के साथ समझौता कर बैठे हैं।

मुलायम जी के लिए समाज, अखिलेश के लिए सत्ता सर्वोपरि 

वहीं अखिलेश यादव को घेरते हुये मोहन यादव ने अखिलेश के द्वारा सत्ता को लेकर पिता के प्रति किए गए विद्रोह से आहत यादव समाज के एक बड़े वर्ग को यह संदेश भी दिया है कि अखिलेश और मुलायम सिंह जी की विचारधारा में मुलायम के लिए पहले समाज के वर्गों की चिंता प्राथमिकता से रही है और अखिलेश के लिये सत्ता सर्वोपरि है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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