लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के लिए आज का दिन कानूनी तौर पर बेहद अहम है। उन्हें 2018 के एक पुराने मानहानि मामले में उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होना है। पिछली सुनवाई में उनकी अनुपस्थिति पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए इसे पेशी का ‘अंतिम मौका’ करार दिया था।
क्या है 2018 का यह पूरा मामला?
यह विवाद लगभग आठ साल पुराना है। साल 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान एक चुनावी सभा में राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और मौजूदा गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद सुल्तानपुर के एक स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी पर अमित शाह की छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए मानहानि का परिवाद दायर किया था।
अदालत ने दिया था ‘अंतिम अवसर’
इस मामले में पिछली सुनवाई 19 जनवरी को हुई थी, जिसमें राहुल गांधी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए थे। इस पर संज्ञान लेते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट की जज ने नाराजगी जाहिर की थी और उन्हें 20 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराने का आदेश दिया था। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया था कि यह उनके लिए उपस्थिति का अंतिम अवसर है।
गौरतलब है कि राहुल गांधी इस मामले में पहले से ही सुल्तानपुर कोर्ट से जमानत पर हैं। मामले के संबंध में उनका एक बयान पहले भी दर्ज किया जा चुका है। आज की पेशी को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अदालत पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है।






