कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु निकलते हैं। इस दौरान वह आदि कैलाश और ॐ पर्वत भी पहुंचते हैं। अब ये यात्रा पहले से और भी ज्यादा सुविधाजनक होने वाली है। यहां आने वाले श्रद्धालु और रहने बस ग्रामीणों के लिए सरकार बेहतर सुविधाएं तैयार करने वाली है। इसके लिए 13.50 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।
इन स्थानों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की तादाद लगातार बढ़ रही है। देशभर से तमाम पर्यटक इस क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। जिस हिसाब से पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है उस अनुरूप सुविधाओं की काफी कमी है। शासन अब इस कमी को दूर करने के प्रयास कर रहा है। यही कारण है की यात्रा मार्ग में पड़ने वाले चार गांव में नई सुविधाएं विकसित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। पर्यटन विभाग इसके लिए धनराशि भी जारी कर चुका है।
सुविधाजनक होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा
यहां 14000 फीट की ऊंचाई पर कालापानी गांव मौजूद है। यहां पर कल्चरल हेरिटेज भवन का निर्माण किया जाएगा। इससे आने वाली यात्रियों को सीमांत क्षेत्र के इतिहास संस्कृति की जानकारी मिलेगी। यहां मौजूद गर्म जल का स्रोत प्रमुख पहचान के तौर पर देखा जाता है। शून्य डिग्री होने के बावजूद भी यहां पानी हमेशा गर्म रहता है। इस स्तोत्र का जीर्णोद्धार कराया जाएगा।
इसके अलावा नाबी और कुटी गांव में पंचायत घर बनाए जाएंगे जिसका प्रयोग ग्रामीण सामूहिक कार्यों के लिए कर सकेंगे। आपात परिस्थिति में यात्री पंचायत घर का उपयोग कर सकेंगे। इसके अलावा विलेज चौक बनाए जाएंगे जहां ग्रामीणों को आपस में चर्चा करने का मौका मिलेगा। गांव में व्यू प्वाइंट का निर्माण होगा जहां बैठकर ॐ पर्वत का दीदार किया जा सकेगा। हर गांव में शौचालय सहित मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
अधिकारियों का क्या कहना
इस संबंध में जिला पर्यटन अधिकारी पिथौरागढ़ कीर्ति आर्य का कहना है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग के चारों गांव में 13.50 करोड रुपए से आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इस धनराशि से हेरिटेज भवन, व्यू प्वाइंट और गर्म पानी के जल के स्रोतों के संरक्षण का काम किया जाएगा। ठंड कम होते ही यह काम शुरू हो जाएंगे।






