दिल्ली आबकारी केस: ‘BJP को कोर्ट का फैसला पहले से पता’, सौरभ भारद्वाज का हमला- पूछा, यह कैसी साठगांठ है?

AAP ने BJP पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। सौरभ भारद्वाज ने BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का वीडियो दिखाकर पूछा कि उन्हें कैसे मालूम है कि केजरीवाल और सिसोदिया को सजा मिलेगी? कपिल मिश्रा के 'पिक्चर अभी बाकी है' वाले बयान पर भी सवाल उठाए।
Saurabh Bhardwaj

आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को एक ऐसा सवाल उठाया है, जिसने दिल्ली की सियासत में भूचाल ला दिया है। सवाल सीधा है- क्या भारतीय जनता पार्टी को आबकारी मामले में कोर्ट का फैसला सुनाए जाने से पहले ही उसका नतीजा पता है? AAP का आरोप है कि BJP के नेता ऐसे बयान दे रहे हैं, मानो वे जज हों और फैसला लिख चुके हों।

पार्टी दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए AAP के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का एक वीडियो चलाया। इस वीडियो में सचदेवा कथित तौर पर कह रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक अपराधी हैं और उन्हें यकीनन सजा मिलेगी। इस पर भारद्वाज ने तीखा हमला बोला।

‘सजा निश्चित मिलेगी’, BJP अध्यक्ष को कैसे पता?

सौरभ भारद्वाज ने सीधे सवाल दागा, “उन्हें कैसे पता कि सज़ा निश्चित तौर पर मिलेगी? क्या वे जज हैं? क्या वे अदालत को बताने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या करना है? यह आत्मविश्वास नहीं, यह एक साठगांठ की तरफ इशारा करता है।”

उन्होंने कहा कि यह कोई मामूली बात नहीं है। जब मामला अदालत में विचाराधीन हो, सुनवाई होनी बाकी हो, तब एक सत्ताधारी पार्टी का अध्यक्ष कैसे इस तरह की भविष्यवाणी कर सकता है? यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।

कपिल मिश्रा की ‘पिक्चर’ का क्या है राज़?

भारद्वाज ने सिर्फ सचदेवा पर ही नहीं, बल्कि दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और अब BJP नेता कपिल मिश्रा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कपिल मिश्रा के एक हालिया ट्वीट का जिक्र किया जिसमें लिखा था- “पिक्चर अभी बाकी है।”

आप नेता ने पूछा, “यह कौन सी पिक्चर की बात कर रहे हैं? इन्हें आगे की कहानी कैसे मालूम है? क्या इन्हें पता है कि स्क्रिप्ट में आगे क्या लिखा है? यह वही कपिल मिश्रा हैं, जिन पर 2020 में भड़काऊ भाषण देकर दंगे भड़काने के आरोप लगे थे।”

भारद्वाज ने फरवरी 2020 की घटना को याद दिलाते हुए कहा कि तब दिल्ली हाईकोर्ट के जज मुरलीधर ने भड़काऊ भाषणों पर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी। इसके कुछ ही घंटों के अंदर उनका तबादला कर दिया गया था। भारद्वाज ने आशंका जताई कि कहीं उसी तरह का कोई दबाव बनाने की कोशिश तो नहीं हो रही।

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