
दिल्ली में एक दशक से बंद अंतरराज्यीय बस सेवा फिर से शुरू होने जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार 25 सितंबर को इस सेवा का शुभारंभ कर सकती है। DTC बसों को CNG में बदलने के कारण यह सेवा बंद हो गई थी। अब 17 रूटों पर 100 इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि यह सेवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शुरू की जा रही है। नई बसें यात्रियों के लिए किफायती और सुविधाजनक होंगी।
हरी झंडी 25 सितंबर को, बड़ौत पहला रूट
परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि बसों को 25 सितंबर को हरी झंडी दिखाई जाएगी और पहली बस बड़ौत के लिए रवाना होगी। शुरुआती चरण में तीन बसें चलेंगी ताकि रूट और संचालन का परीक्षण किया जा सके। मंत्री ने कहा कि यह कदम लोगों की सुविधा और सुरक्षित यात्रा के लिए उठाया गया है। समारोह में सरकार बड़े उत्सव की तैयारी कर रही है। दिल्लीवासियों को लंबी दूरी की यात्रा अब आरामदायक, सुरक्षित और किफायती तरीके से करने का मौका मिलेगा।
वेट-लीज मॉडल पर बसें, BS-6 मानक की सुविधाएं
दूर-दराज के इलाकों में इलेक्ट्रिक बसों की कमी के कारण DTC ने वेट-लीज मॉडल अपनाने का निर्णय लिया है। इसमें एक कॉन्सेशनेयर बसों का संचालन करेगा। सभी बसें BS-6 मानक की होंगी, एयर कंडीशनर और पर्याप्त सामान रखने की जगह के साथ। DTC फिलहाल टेंडर प्रक्रिया पूरी कर रहा है। इस मॉडल से सरकार और कॉन्सेशनेयर दोनों के लिए राजस्व साझा करने की व्यवस्था होगी। इससे लंबी दूरी की यात्राओं में इलेक्ट्रिक बसों की सुविधा धीरे-धीरे पूरे नेटवर्क में उपलब्ध होगी।
17 प्रमुख डेस्टिनेशन, किफायती किराया और सुविधाजनक यात्रा
DTC ने 17 डेस्टिनेशन तय किए हैं, जिनमें ऋषिकेश, हरिद्वार, देहरादून, पानीपत, अयोध्या, लखनऊ, मुरादाबाद, अमृतसर, चंडीगढ़ और जम्मू शामिल हैं। नई बसें 12 मीटर लंबी होंगी और यात्रियों को आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराएंगी। किराया किफायती होगा, पुराने समय की तरह यात्रियों के लिए आकर्षक विकल्प बनेगा। DTC की यह सेवा 2010 में बंद हो गई थी, अब यह फिर से लंबी दूरी की यात्राओं के लिए लोकप्रिय विकल्प बनने जा रही है।
