Hindi News

JNU में कुलपति के इस्तीफे की मांग पर छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, पुलिस से हुई झड़प, हिरासत में लिए गए 40 से ज्यादा छात्र

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में कुलपति शांतिश्री डी पंडित के इस्तीफे और UGC नियमों को लागू करने की मांग को लेकर छात्रों ने उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच गंभीर झड़प हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने JNUSU अध्यक्ष अदिति समेत 40 से अधिक छात्रों को हिरासत में ले लिया है।
JNU में कुलपति के इस्तीफे की मांग पर छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, पुलिस से हुई झड़प, हिरासत में लिए गए 40 से ज्यादा छात्र

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर एक बार फिर छात्रों के विरोध प्रदर्शन का केंद्र बन गया। कुलपति (VC) शांतिश्री डी पंडित को बर्खास्त करने और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों को लागू करने की मांग को लेकर सैकड़ों छात्रों ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन जल्द ही प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और छात्रों तथा पुलिस के बीच झड़प हो गई।

विरोध प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर तनाव का माहौल बन गया। विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े छात्र गेट पर जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे। मौके पर दिल्ली पुलिस के अलावा CRPF और RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) के जवानों को भी तैनात किया गया था। पुलिस ने छात्रों को गेट से हटने की चेतावनी दी, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे।

झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल, 40 से ज्यादा छात्र हिरासत में

प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने की कोशिश के दौरान पुलिस और उनके बीच धक्का-मुक्की हुई, जो जल्द ही एक गंभीर झड़प में तब्दील हो गई। इस टकराव में कई पुलिस अधिकारी और जवान घायल हो गए। घायलों में एसएचओ किशनगढ़ राजकुमार, एसएचओ सरोजनी नगर अतुल त्यागी और एसीपी वसंत कुंज वेद प्रकाश शामिल हैं।

हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 40 से अधिक प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में ले लिया। इनमें जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) की अध्यक्ष अदिति भी शामिल थीं, जिन्हें पुलिस ने प्रदर्शन की शुरुआत में ही हिरासत में ले लिया था। इस घटना के बाद वामपंथी छात्र संगठनों ने रात 9 बजे वसंत कुंज पुलिस स्टेशन तक मार्च निकालने का आह्वान किया।

प्रोफेसरों ने संभाला मोर्चा, छात्रों को छोड़ने की अपील की

छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई के बाद जेएनयू के कुछ प्रोफेसर उनके समर्थन में सामने आए। उन्होंने विश्वविद्यालय गेट के बाहर आकर पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और हिरासत में लिए गए सभी छात्रों को तत्काल रिहा करने की मांग की। प्रोफेसरों ने पुलिस से मामले को शांत करने की भी अपील की।

इस पर दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि हिरासत में लिए गए छात्र अपनी पहचान नहीं बता रहे हैं, जिस वजह से उन्हें अभी नहीं छोड़ा जा सकता। हालांकि, प्रोफेसरों ने आश्वासन दिया कि वे कल कुछ छात्रों को अपनी निगरानी में मंत्रालय तक ले जाएंगे, ताकि उनकी मांगों पर बातचीत हो सके। करीब 3 बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन देर शाम समाप्त हुआ।

शिक्षक संघ ने की पुलिस कार्रवाई की निंदा

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (JNUTA) ने छात्रों पर हुए बल प्रयोग की कड़ी निंदा की है। JNUTA ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि पुलिस ने कानूनों का उल्लंघन करते हुए पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।

“शांतिपूर्ण मार्च को रोकना और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज या बल प्रयोग करना अब दिल्ली पुलिस की आदत बन गई है। पुलिस कानून की रक्षा करने के बजाय एक तानाशाह की तरह काम कर रही है, जिसका मकसद संविधान द्वारा दिए गए लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलना है।”- जेएनयू शिक्षक संघ (JNUTA)

शिक्षक संघ ने हिरासत में ली गई महिला छात्राओं की सुरक्षा पर भी गहरी चिंता व्यक्त की, जिन्हें कैंपस से दूर किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया था। JNUTA ने कहा कि इस झड़प में कई छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
Follow Us :GoogleNews