LG वीके सक्सेना को 25 साल पुराने मानहानि केस में बड़ी राहत, मेधा पाटकर के आरोपों से साकेत कोर्ट ने किया बरी

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर द्वारा दायर मानहानि मामले में बरी कर दिया गया है। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने करीब 25 साल पुराने इस मामले में सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए यह फैसला सुनाया।
LG VK Saxena

नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को एक पुराने मानहानि मामले में बड़ी राहत मिली है। सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर द्वारा दायर किए गए करीब 25 साल पुराने इस केस में दिल्ली की साकेत मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता पक्ष आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस और कानूनी रूप से मान्य सबूत पेश नहीं कर सका।

यह फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट राघव शर्मा ने सुनाया। इस फैसले के साथ ही वीके सक्सेना और मेधा पाटकर के बीच दशकों से चल रही कानूनी लड़ाई के एक और अध्याय का अंत हो गया है।

क्या है पूरा मामला?

यह कानूनी विवाद साल 2000 में शुरू हुआ था। उस समय मेधा पाटकर ने वीके सक्सेना के खिलाफ एक वाद दायर किया था। पाटकर का आरोप था कि सक्सेना ने उनके और ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन’ (NBA) के खिलाफ विज्ञापन प्रकाशित कराए थे। उस वक्त वीके सक्सेना अहमदाबाद स्थित एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) ‘नेशनल काउंसिल फॉर सिविल लिबर्टीज’ के प्रमुख थे।

इसके जवाब में वीके सक्सेना ने भी मेधा पाटकर पर मानहानि के दो मामले दायर किए थे। साल 2001 में दर्ज कराए गए इन मामलों में आरोप लगाया गया था कि पाटकर ने एक टीवी चैनल पर उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की और प्रेस में भी मानहानिकारक बयान जारी किए थे।

अदालत ने सबूतों को नाकाफी माना

साकेत कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता मेधा पाटकर की ओर से जो भी सबूत पेश किए गए, वे वीके सक्सेना के खिलाफ आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त नहीं थे। अदालत के अनुसार, कानूनी तौर पर मान्य और ठोस सबूतों के अभाव में आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जिसके चलते उपराज्यपाल सक्सेना को बरी करने का फैसला लिया गया।

इसी साल मेधा पाटकर भी हुई थीं बरी

गौरतलब है कि इसी साल 25 जनवरी को दिल्ली की एक अन्य अदालत ने मेधा पाटकर को भी वीके सक्सेना द्वारा दायर एक मानहानि मामले में बरी कर दिया था। यह मामला 2006 में एक टेलीविजन कार्यक्रम के दौरान पाटकर द्वारा की गई टिप्पणियों से जुड़ा था। इस तरह, दोनों पक्षों के बीच चल रहे मानहानि के मामलों में दोनों को ही राहत मिल चुकी है।

Shyam Dwivedi
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7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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