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AI समिट शर्टलेस प्रोटेस्ट केस: कोर्ट ने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को दी जमानत, लेकिन रिहाई से पहले न्यायिक हिरासत में भेजा

Written by:Shyam Dwivedi
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एआई समिट विरोध प्रदर्शन मामले में गिरफ्तार यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को पटियाला हाउस कोर्ट ने देर रात हुई सुनवाई में जमानत दे दी है। हालांकि, जमानत बांड और दस्तावेजों के सत्यापन तक उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, कोर्ट ने पुलिस की रिमांड बढ़ाने की मांग भी खारिज कर दी।
AI समिट शर्टलेस प्रोटेस्ट केस: कोर्ट ने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को दी जमानत, लेकिन रिहाई से पहले न्यायिक हिरासत में भेजा

नई दिल्ली: एआई समिट विरोध प्रदर्शन मामले में गिरफ्तार इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के अध्यक्ष उदय भानु चिब को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने उन्हें जमानत दे दी, लेकिन एक शर्त के कारण उनकी तत्काल रिहाई नहीं हो सकी। जमानत बांड और श्योरिटी दस्तावेजों की जांच पूरी होने तक उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

यह पूरा घटनाक्रम शनिवार देर रात का है, जब चार दिन की पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद चिब को करीब 12:30 बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किया गया। सुनवाई आधी रात को लगभग 1:30 बजे शुरू हुई।

पुलिस रिमांड की मांग खारिज, कोर्ट ने पूछे सवाल

सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने जांच के लिए चिब की पुलिस हिरासत को सात दिन और बढ़ाने की मांग की। हालांकि, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी वंशिका मेहता ने पुलिस की इस मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी आगे की रिमांड के लिए कोई पर्याप्त और ठोस कारण पेश करने में विफल रही है। चिब के वकील ने भी बताया कि अदालत ने माना कि पुलिस हिरासत बढ़ाने की जरूरत को सही ठहराया नहीं जा सका।

जमानत मिली पर रिहाई क्यों रुकी?

अदालत ने उदय भानु चिब को 50,000 रुपये के निजी मुचलके और कुछ शर्तों पर जमानत दी। इन शर्तों में उनका पासपोर्ट जमा करना और अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कोर्ट के समक्ष पेश करना शामिल है।

हालांकि, उनकी रिहाई का मामला श्योरिटी और उससे जुड़े दस्तावेजों के सत्यापन पर अटक गया। मजिस्ट्रेट ने इन दस्तावेजों की सत्यापन रिपोर्ट रविवार तक तलब की है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक इन दस्तावेजों की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक चिब को रिहा नहीं किया जाएगा। इसी वजह से जमानत मंजूर होने के बाद भी उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पृष्ठभूमि: प्रदर्शन में शारीरिक रूप से मौजूद नहीं थे चिब

इससे पहले 24 फरवरी को इसी अदालत ने चिब को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। उस समय अदालत ने केस डायरी का हवाला देते हुए कहा था कि चिब विरोध स्थल पर शारीरिक रूप से मौजूद नहीं थे, लेकिन उन पर आरोप है कि वह प्रदर्शन को निर्देशित कर रहे थे और अन्य आरोपियों के साथ लगातार संपर्क में थे।

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Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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