अंतरराष्ट्रीय कथावाचक और बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने बयानों को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। राजस्थान के जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जो लोग वेदों को नहीं मानेंगे, उनके बच्चे भविष्य में ‘जावेद और नावेद’ बन जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने बागेश्वर धाम में सनातन परंपरा और वैदिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक गुरुकुल स्थापित करने की भी घोषणा की।
सनातन परंपरा के लिए गुरुकुल
धीरेंद्र शास्त्री ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि भोजन और पानी कुछ समय तक ही रहते हैं, लेकिन विद्या जीवन भर साथ रहती है। उन्होंने कहा, “इसी वेदों की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए हम बागेश्वर धाम में गुरुकुल खोलेंगे।” उन्होंने अपना उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि देशभर में गुरुकुल स्थापित होने चाहिए, ताकि सनातनी बच्चे वहां शिक्षा प्राप्त कर सकें। इसी संदर्भ में उन्होंने यह विवादित टिप्पणी की।
“जो लोग वेदों को नहीं मानेंगे, उनके बच्चे भविष्य में ‘जावेद और नावेद’ बन जाएंगे।” — पंडित धीरेंद्र शास्त्री
छतरपुर में सुंदरकांड कार्यालय का उद्घाटन
पंडित शास्त्री ने यह भी जानकारी दी कि मध्य प्रदेश के छतरपुर में सुंदरकांड कार्यालय का उद्घाटन किया गया है। उन्होंने बताया कि सुंदरकांड मंडल के सदस्य देशभर में सनातनी विचारधारा का प्रचार करने और लोगों का हृदय परिवर्तन करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “भारत को हिंदुत्ववादी विचारधारा से भरने का एक ही रास्ता है, साधु-संतों का कमंडल और बागेश्वर धाम का सुंदरकांड मंडल।”
फरवरी में 300 बेटियों का विवाह और संतों का समागम
बागेश्वर धाम में होने वाले वार्षिक कन्या विवाह आयोजन की भी जानकारी दी गई। धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष भी भव्य आयोजन होगा, जिसमें 300 बेटियों का कन्यादान किया जाएगा। यह उत्सव तीन दिनों तक चलेगा। इस बार की खास बात यह होगी कि विवाह समारोह के साथ-साथ संतों का एक बड़ा समागम भी आयोजित किया जाएगा।
विवाह कार्यक्रम का शेड्यूल:
13 फरवरी: मंडप और हल्दी की रस्म
14 फरवरी: संगीत और मेहंदी का कार्यक्रम
15 फरवरी: 300 बेटियों का विवाह और कन्यादान





