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द्रौपदी मुर्मू ने रचा इतिहास, सुखोई के बाद राफेल में भरी उड़ान, ऐसा करने वाली बनीं पहली राष्ट्रपति

Written by:Shyam Dwivedi
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आज देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से राफेल फाइटर जेट में उड़ान भर कर इतिहास रच दिया है। द्रौपदी मुर्मू फ्लाइट सूट पहनकर राफेल में बैठीं और टेक ऑफ से पहले हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इससे पहले द्रौपदी मुर्मू ने 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरबेस पर सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। द्रौपदी मुर्मू राफेल और सुखोई में उड़ान भरने वाली पहली राष्ट्रपति बन गईं हैं।
द्रौपदी मुर्मू ने रचा इतिहास, सुखोई के बाद राफेल में भरी उड़ान, ऐसा करने वाली बनीं पहली राष्ट्रपति

देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज हरियाणा के अंबाला पहुंची। जहां उन्होंने एयरफोर्स स्टेशन से राफेल फाइटर जेट में उड़ान भर कर इतिहास रच दिया है। द्रौपदी मुर्मू फ्लाइट सूट पहनकर राफेल में बैठीं और टेक ऑफ से पहले हाथ हिलाकर अभिवादन किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने अधिकारियों से राफेल विमान की तकनीक, उसे चलाने के तरीके और सुरक्षा से जुड़ी बातें समझीं। बड़ी बात तो ये है कि अंबाला एयरबेस से ही भारत के फाइटर जेट्स ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उड़ान भरी थी और पाकिस्तान एवं पीओके में घुसकर मार की थी।

ऐसा करने वाली पहली राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को भारतीय वायु सेना के राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरकर इतिहास रचा है। इससे पहले द्रौपदी मुर्मू ने 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरबेस पर सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। द्रौपदी मुर्मू राफेल और सुखोई में उड़ान भरने वाली पहली राष्ट्रपति बन गईं हैं और अपने नाम रिकॉर्ड भी दर्ज कर लिया है।

राफेल पर उड़ान भरना एक यादगार अनुभव

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस खूबसूरत पल के बारे में अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा है। राष्ट्रपति ने लिखा कि राफेल पर उड़ान भरना मेरे लिए एक यादगार अनुभव है। इस ताकतवर राफेल एयरक्राफ्ट पर पहली उड़ान ने मेरे अंदर देश की रक्षा क्षमताओं के लिए नए सिरे से गर्व की भावना भर दी है। मैं भारतीय वायु सेना और एयर फोर्स स्टेशन, अंबाला की पूरी टीम को इस उड़ान को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए बधाई देती हूं।

बता दें कि अंबाला वायु सेना स्टेशन से उड़ान भरते हुए राष्ट्रपति ने लगभग 30 मिनट तक आसमान में समय बिताया और करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय की। विमान समुद्र तल से 15,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ा और इस दौरान इसकी गति 700 किलोमीटर प्रति घंटे रही। उड़ान को 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने संचालित किया।

राफेल की विशेषताएं

राफेल लड़ाकू विमान को फ्रांस की दसॉल्ट एविएशन कंपनी बनाती है। यह विमान भारत ने 2016 में खरीदा और पहला बैच जुलाई 2020 में अंबाला एयरबेस पर पहुंचा। ऑपरेशन सिंदूर में राफेल की भूमिका ने इसकी ताकत को साबित किया। वहीं अगर इसकी खूबियों की बात करें तो ये भारत का सबसे दमदार फाइटर विमान है। इसमें मेट्योर, स्काल्प जैसी मिसाइलें और AESA रडार जैसी अत्याधुनिक तकनीकें शामिल हैं, जिससे भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता कई गुना बढ़ गई है। वहीं इसकी गति की बात​ करें तो ये हवा की भी मात दे देता है। इसकी गति अधिकतम 2,222 किमी/घंटा है। वहीं इसकी रेंज बिना रिफ्यूलिंग के लगभग 3,700 किमी है।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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