दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2025 के नतीजों में RSS से जुड़ा संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने तीन पदों पर जीत दर्ज की है। अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी ने कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के खाते में सिर्फ उपाध्यक्ष पद आया। दिलचस्प है कि इस बार सबसे ज्यादा वोट एनएसयूआई के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार राहुल झांसला को मिले। उन्होंने 29,339 वोट हासिल किए। पिछली बार के मुकाबले इस बार एनएसयूआई को अध्यक्ष पद का नुकसान उठाना पड़ा है।
ABVP का दबदबा, तीन सीटें जीतीं
इस चुनाव में एबीवीपी के आर्यन मान ने अध्यक्ष पद पर 28,841 वोटों से जीत दर्ज की। सचिव पद पर कुणाल चौधरी 23,779 वोटों के साथ विजयी रहे, जबकि संयुक्त सचिव पद पर दीपिका झा ने 21,825 वोट हासिल किए। उपाध्यक्ष पद पर एबीवीपी के गोविंद तंवर को हार का सामना करना पड़ा। पहले राउंड से ही एबीवीपी उम्मीदवारों ने बढ़त बनाई और अंत तक बढ़त बनाए रखी। इस जीत को एबीवीपी ने छात्रों के विश्वास और संगठन की मेहनत का नतीजा बताया है।
NSUI को एक सीट पर संतोष
एनएसयूआई की ओर से राहुल यादव झांसला ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। हालांकि अध्यक्ष पद की उम्मीदवार जोसलिन नंदिता चौधरी को केवल 12,645 वोट मिले और वे हार गईं। सचिव पद पर कबीर को 16,177 वोट और संयुक्त सचिव पद पर लवकुश भड़ाना को 17,380 वोट मिले, लेकिन दोनों पराजित रहे। पिछली बार की तुलना में एनएसयूआई की स्थिति कमजोर हुई है। 2024 में संगठन ने अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद जीते थे, लेकिन इस बार उसे केवल एक पद पर जीत मिली।
नेताओं की प्रतिक्रियाएं
एबीवीपी की विजेता दीपिका झा ने कहा कि वह बिहार से आकर यहां लड़ीं और छात्रों ने उनके संघर्ष को समझा। उन्होंने कहा कि यह जीत उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी है। वहीं, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ईवीएम में गड़बड़ी की गई और प्रोफेसरों की मदद से चुनाव चुराने की कोशिश हुई। फिर भी, उन्होंने कहा कि एनएसयूआई छात्रों के मुद्दों के लिए संघर्ष जारी रखेगा और आगे और मजबूती से वापसी करेगा।





