
ED Action on Anil Ambani Group
अनिल अंबानी (Anil Ambani) को एक बार फिर तगड़ा झटका लगा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई लगातार जारी है। इस बीच अब एक नया अपडेट निकलकर सामने आया है। ED ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि जांच के तहत अनिल अंबानी ग्रुप की 1400 करोड़ रुपए से ज्यादा की नई संपित्तयां अटैच की हैं।
धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जारी अस्थायी आदेश में नवी मुंबई स्थित धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी (DAKC) और मिलेनियम बिज़नेस पार्क की कई इमारतें, और पुणे, चेन्नई और भुवनेश्वर में स्थित प्लॉट और इमारतें शामिल हैं।
बता दें कि इससे पहले भी ईडी, RCOM और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ 7,545 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां अटैच कर चुका है। अब यह कुल रकम बढ़कर 8,997 करोड़ रुपये हो गई है। ED की जांच एक FIR के आधार पर शुरू हुई, जो CBI ने RCOM, अनिल अंबानी और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज की थी। इन पर धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं।
बीते 31 अक्टूबर 2025 को PMLA की धारा 5(1) के तहत कुर्की के आदेश जारी किए गए थे। उस समय रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) द्वारा जुटाए गए सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundring) के मामले में 40 से ज्यादा संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की गई थीं।
ईडी ने लगाया ये बड़ा आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि 2010 से 2012 के बीच आरकॉम और उसकी समूह कंपनियों ने देशी और विदेशी बैंकों से बड़ी मात्रा में लोन लिए, जिनमें कुल ₹40,185 करोड़ का बकाया था। ईडी के मुताबिक, नौ बैंकों ने इन लोन खातों को फ्रॉड घोषित किया है। एक कंपनी द्वारा एक बैंक से लिया गया लोन दूसरी कंपनियों के लोन चुकाने, संबंधित पार्टियों को ट्रांसफर करने और म्यूचुअल फंड में निवेश करने में इस्तेमाल किया गया, जो लोन की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है।
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