8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनभोगियों को होली से पहले एक अच्छी खबर मिल सकती है। चर्चा है कि बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र सरकार जनवरी 2026 से फिर महंगाई भत्ता (DA) बढ़ा सकती है। इस बार महंगाई भत्ते में 2 से 3 फीसदी की वृद्धि संभव है। यह अनुमान श्रम मंत्रालय द्वारा जारी नवंबर 2025 तक के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) के आंकड़ों से लगाया गया है। जनवरी 2026 से प्रभावी होने वाले महंगाई भत्ते के ऐलान के साथ ही पिछले महीनों का एरियर भी मिलने की संभावना है। वर्तमान में 58 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है, जिसके 60 सेे 61 फीसदी तक पहुंचने की संभावना है।
साल में दो बार बढ़ाया जाता है महंगाई भत्ता
दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा साल में 2 बार केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते व महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है। नई दरें जनवरी और जुलाई से लागू की जाती हैं। यह दरें अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करती है जो जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर के बीच जारी किए जाते हैं। नई दरों का ऐलान मार्च-अप्रैल और अक्टूबर-नवंबर में किया जाता है।
AICPI-IW आंकड़ों पर एक नजर
- महंगाई भत्ते की नई दरें अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के जुलाई से दिसंबर 2025 के आंकड़ों पर निर्भर करेगी। श्रम मंत्रालय द्वारा जारी नवंबर 2025 तक के आंकड़ों के पर नजर डाले तो जुलाई 2025 से सूचकांक में लगातार वृद्धि देखी गई है। नवंबर 2025 में यह 148.2 अंक पर पहुंच गया है, जो 59.93 फीसदी महंगाई भत्ते की ओर इशारा कर रहा है।
- संभावना है कि जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60 या 61% पहुंच सकता है। हालांकि अभी दिसंबर के अंक आना बाकी हैं, जिसके बाद ही साफ होगा कि महंगाई भत्ते में 2% या 3% वृद्धि की जाएगी। दिसंबर 2025 के अंक 30 या 31 जनवरी 2026 को जारी हो सकते हैं। आमतौर पर मार्च या अप्रैल में जनवरी से जारी होने वाले महंगाई भत्ते की घोषणा की जाती है, इस बार भी होली 2026 के आसपास नई दरों के ऐलान की संभावना है। हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
जुलाई से नवंबर 2025 तक के AICPI-IW
- जुलाई: 146.5 (+1.5)
- अगस्त: 147.1 (+0.6)
- सितंबर: 147.3 (+0.2)
- अक्टूबर: 147.7 (+0.4)
- नवंबर: 148.2 (+0.5)
- दिसंबर: 30-31 जनवरी 2026 को जारी होने की संभावना है।
आईए जानते है कैसे होती है महंगाई भत्ते की गणना
- महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं। यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।
- केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते की गणना करने का एक फॉर्मूला है। फॉर्मूला है: 7वां सीपीसी डीए% = [{पिछले 12 महीनों के लिए एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू (आधार वर्ष 2001=100) का 12 महीने का औसत – 261.42}/261.42×100]
नोट: यह वृद्धि 7वें वेतन आयोग के तहत ही की जाएगी, क्योंकि अभी तक 8वां वेतन आयोग लागू नहीं हुआ है। हालांकि 7वें वेतन आय़ोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है। जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू किया जाना है।






