कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महत्वपूर्ण खबर, जनवरी 2026 से कितने फीसदी बढ़ेगा महंगाई भत्ता? जानें अपडेट

महंगाई भत्ते की गणना ऑल-इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स के आधार पर होती है ऐसे में जनवरी 2026 का DA लगभग 60% के आसपास रहने का अनुमान है।आईए जानते है अबतक की अपडेट्स...
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केन्द्र सरकार द्वारा महंगाई दर को देखते हुए हर साल 2 बार केन्द्रीय कर्मचारियों व पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है, जो जनवरी और जुलाई में होता है। यह दरें अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करती है ।यह आंकड़े हर साल जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर के बीच जारी किए जाते है।जनवरी 2025 से 2 फीसदी और जुलाई 2025 से 3 फीसदी डीए/डीआर बढ़ाया गया है, जिसके बाद डीए 58 फीसदी हो गया है।अब अगली वृद्धि जनवरी 2026 से होना है जो जुलाई से दिसंबर 2025 के AICPI के आंकड़ों पर निर्भर करेगी।

जनवरी 2026 से फिर बढ़ेगा महंगाई भत्ता

वर्तमान में 49.19 लाख केन्द्रीय कर्मचारियों व 68.72 लाख पेंशनरों को 58 फीसदी डीए का लाभ मिल रहा है और अब अगला डीए जनवरी 2026 से बढ़ेगा जिसका ऐलान होली के आसपास होने की उम्मीद है।नई दरें अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के जुलाई से दिसंबर 2025 के आंकड़ों पर निर्भर करेगी। अबतक जुलाई से अक्टूबर तक के अंक जारी हो गए है। जुलाई में CPI-IW औसत अंक 146.5, अगस्त में 147.1, सितंबर में 147.3 और अक्टूबर में 147.7 रहा है और डीए स्कोर 59% के पार पहुंचा है जो 2 % वृद्धि की ओर संकेत दे रहा है, हालांकि अभी नवंबर दिसंबर के अंक आना बाकी है जिसके बाद साफ होगा कि जनवरी 2026 में 2 फीसदी या 3 फीसदी डीए बढ़ेगा।

जनवरी 2025 की तरह 2026 में भी 2 फीसदी बढ़ेगा डीए?

अबतक के आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी 2025 की तरह जनवरी 2026 में भी 2 फीसदी डीए बढ़ने का अनुमान है, जिसके बाद डीए 58 से बढ़कर 60 फीसदी हो जाएगा। चूंकि यह बढ़ोतरी जनवरी 2026 से लागू मानी जाएगी ऐसे में एरियर भी मिलेगा।बता दे कि जुलाई 2018 के बाद से 3 परसेंट से कम DA कभी नहीं बढ़ा (जनवरी 2025 को छोड़कर)।31 दिसंबर, 2025 को सातवां वेतन आयोग भी खत्म हो रहा है ऐसे में जनवरी 2026 में पहली बार डीए में संशोधन किया जाएगा।आठवें वेतन आयोग का गठन हो चुका है और कमीशन को अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है ऐसे में 2027 के आखिर या 2028 की शुरुआत में नए वेतन आयोग को लागू किया जा सकता है।

आईए जानते है कैसे होती है महंगाई भत्ते की गणना

  • महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं। यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।
  • केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते की गणना करने का एक फॉर्मूला है। फॉर्मूला है: 7वां सीपीसी डीए% = [{पिछले 12 महीनों के लिए एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू (आधार वर्ष 2001=100) का 12 महीने का औसत – 261.42}/261.42×100]
  • यह फॉर्मूला उन केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर लागू होगा जिन्हें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन मिलता है। डीए%= (392.83-261.42)/261.42×100 = 50.26
  • पिछले 12 महीनों का औसत सीपीआई-आईडब्ल्यू 392.83 है। फॉर्मूले के मुताबिक, डीए मूल वेतन का 50.28 फीसदी आ रहा है। इसलिए, केंद्र सरकार महंगाई भत्ते को 50% (दशमलव बिंदुओं को नजरअंदाज करते हुए) तक बढ़ा सकती है।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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