
Floods In India: बारिश, बाढ़ और भूस्खलन इस समय देश के कई हिस्सों को प्रभावित करता हुआ दिखाई दे रहा है। हर साल देश के कहीं हिस्सों में इस तरह की तबाही देखी जाती है जिसमें कई लोगों की जान भी चली जाती है। जब भी कोई प्राकृतिक आपदा आती है। वह हमेशा के लिए लोगों के दिल दिमाग में बस जाती है। प्राकृतिक आपदा यह शब्द सुनकर हर किसी को वह मंजर याद आ जाता है जो उसने देखा है। आज हम आपको देश में घाटी कुछ प्राकृतिक आपदाओं के बारे में बताते हैं, जिन्होंने जमकर को हराम मचाया और हमेशा के लिए लोगों के जहन में बस गई।
केदारनाथ त्रासदी
साल 2013 में उत्तराखंड के केदारनाथ में बादल फट गए थे। चौराबाड़ी झील में यह बादल फटा था और उसके बाद जो प्राकृतिक आपदा आई थी, उसने पूरे केदारनाथ को तबाह करके रख दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक 4500 हजार से ज्यादा लोगों के शव मिले थे और 5000 लोग लापता हो गए थे।
कश्मीर बाढ़
साल 2014 में कश्मीर में बाढ़ का प्रकोप देखने को मिला था। इस प्राकृतिक आपदा ने 500 लोगों की जान ले ली थी। वहीं त्रासदी के चलते 10 लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा था। इस दौरान झेलम नदी का पानी श्रीनगर में भर गया था। नीलम और पुंछ नदियों में भी बाढ़ की स्थिति देखने को मिली थी।
चेन्नई की बाढ़
साल 2015 में चेन्नई में कुदरत ने अपना कहर बरपाया था। तमिलनाडु की राजधानी में 449 मिमी बारिश 1 दिन में हुई थी। इस वजह से यह शहर बारिश में डूब गया था। इस समय सैकड़ो लोगों की मौत हो गई थी।
मलिन गांव
साल 2014 में पुणे के मलिन गांव में पहाड़ दरकने से तबाही आ गई थी। पहाड़ के मलबे में पूरा गांव दब गया था। इस हादसे को 10 साल बीत चुके हैं लेकिन आज भी इसके मंजर लोगों का दिल दहला देते हैं।
केरल बाढ़
इस साल केरल के वायनाड में भूस्खलन की तबाही देखने को मिल रही है। इसके पहले साल 2018 में केरल में सदी की सबसे भयानक बाढ़ देखने को मिली थी। केरल के 14 जिलों में इस बाढ़ का असर देखने को मिला था। इस दौरान लगभग 2 लाख लोग विस्थापित हुए थे और 400 लोगों की जान चली गई थी।
10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

