भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौते के बाद क्वाड शिखर सम्मेलन को लेकर उठ रहे सवालों पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार 14 फरवरी 2026 को म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में पहली बार साफ़ तौर पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि क्वाड समिट कभी कैंसिल ही नहीं हुआ, क्योंकि इसके आयोजन के लिए कभी विशेष तौर पर अभी तक एक तारीख तय ही नहीं की गई थी।
जयशंकर ने जोर देते हुए कहा कि इस संदर्भ में जो अटकलें लगाई जा रहीं हैं, वो पूरी तरह से गलत हैं। चार देशों के इस समूह में विभिन्न स्तरों पर एक-दूसरे का सहयोग करना लगातार जारी है।
Delhi Decides सत्र में जयशंकर का बयान
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में ‘Delhi Decides: Mapping India’s Policy Calculus’ विषय पर आयोजित राउंडटेबल चर्चा के दौरान विदेश मंत्री ने क्वाड को लेकर उठ रहे सवालों का विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया, “हां, इसका आयोजन नहीं हो सका, लेकिन मैं इसे लेकर कोई और दूसरा बड़ा मतलब नहीं निकालूंगा।”
विदेश मंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ उनकी पहली बैठक क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक फॉर्मेट में ही हुई थी। उन्होंने बताया कि दो क्वाड FMM (विदेश मंत्री स्तरीय बैठकें) हो चुकी हैं और बाकी सारे चैनल भी सक्रिय तौर पर काम कर रहे हैं।
नेताओं की बैठक न होने पर चिंता बेमानी
नेताओं के स्तर पर शिखर सम्मेलन न होने को लेकर उठ रही चिंताओं को खारिज करते हुए जयशंकर ने संकेत दिया कि क्वाड की गतिविधियों में किसी तरह की कोई रुकावट नहीं आई है। चारों देशों — भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया — के बीच सहयोग पहले की तरह ही जारी है।
यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौते की घोषणा हुई है। इस महीने की शुरुआत में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ है, जिसके तहत अमेरिका की तरफ से भारत के सामानों पर लगने वाला 25 प्रतिशत टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाएगा।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का संदर्भ
इस व्यापारिक समझौते के बदले में भारत भी अमेरिकी सामानों पर टैरिफ और अन्य दिक्कतों को कम करने पर सहमत हो गया है। इस डील की घोषणा के बाद दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों और क्वाड समूह के भविष्य को लेकर कई सवाल उठे थे।
विदेश मंत्री के इस बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत-प्रशांत क्षेत्र में चार लोकतांत्रिक देशों का यह समूह सक्रिय रूप से काम कर रहा है। क्वाड विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और शिखर सम्मेलन न होने से इसकी प्रासंगिकता पर कोई असर नहीं पड़ा है।





