Central Employee Fitment Factor Hike 2024 : 1 फरवरी 2024 को केन्द्र की मोदी सरकार का अंतरिम बजट पेश होना है। लोकसभा चुनाव से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अंतरिम बजट पेश करेंगी, चुंकी यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट है, ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार कई हर वर्ग को साधने के लिए लोकलुभावन घोषणा की जा सकती है।इसमें फिटमेंट फैक्टर को भी बढ़ाने और 8वें वेतन आयोग के लागू करने पर भी विचार किया जा सकता है, इससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 18000 से बढ़कर 26000 हो जाएगी।
बढ़ सकता है फिटमेंट फैक्टर
दरअसल, वर्तमान में केन्द्रीय कर्मचारियों का फिटमेंट फैक्टर 2.57 है और बेसिक सैलरी 18000 है। लंबे समय से केन्द्र के कर्मचारी फिटमेंट फैक्टर को 3.68 तक बढ़ाने की मांग कर रहे है, ऐसे में माना जा रहा है कि बजट में 48 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में वृद्धि को लेकर कोई बड़ा ऐलान हो सकता है।मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो केन्द्र की मोदी सरकार 2024 में आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए बजट सत्र में कर्मचारियों के फिटमेंट फैक्टर पर फैसला ले सकती है। 7वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों का फिटमेंट फैक्टर 3.00 या फिर 3.68 फीसदी तक किया जा सकता है।हालांकि अभी अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
सैलरी में कितनी होगी बढ़ोतरी?
अगर फिटमेंट फैक्टर को 2.57 फीसदी से बढाकर 3.00 या 3.68 फीसदी तक किया जाता है तो बेसिक सैलरी में 3000 से 8000 का इजाफा होगा, यह 18000 से बढकर 21000 या 26000 हो जाएगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी केंद्रीय कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपए है, तो भत्तों को छोड़कर उसकी सैलरी 18,000 X 2.57= 46,260 रुपए का लाभ होगा।3.68 होने पर सैलरी 95,680 रुपये (26000 X 3.68 = 95,680) हो जाएगी यानि सैलरी में 49,420 रुपए लाभ मिलेगा।3 गुना फिटमेंट फैक्टर होने पर कर्मचारियों की सैलरी 21000 X 3 = 63,000 रुपये होगी।अगर किसी कर्मचारी को 15500 रुपये बतौर बेसिक पे मिल रहे हैं तो उसकी सैलरी 15,500*2.57 या फिर 39,835 रुपये होगी।इससे पहले आखिरी बार केन्द्र सरकार ने 2016 में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाया था और इसी साल से 7th pay commission को भी लागू किया गया था।
क्या लागू होगा आठवां वेतन आयोग?
खबर है कि लोकसभा चुनाव 2024 से पहले 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ सकता है। मोदी सरकार 8वें वेतन आयोग पर अपना रुख साफ कर सकते है, हालांकि पहले कई बार संसद में मोदी सरकार की तरफ से साफ कहा गया है कि फिलहाल आठवें वेतन आयोग को लागू करने की कोई मंशा नहीं है।खास बात तो ये है कि 8वें वेतन आयोग की चर्चा ऐसे समय पर हो रही है जब लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर करीब 3 से 4% तक डीए बढ़ने का अनुमान है, जिसके बाद डीए बढ़कर 50 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। इससे पहले 7वां वेतन आयोग 2013 में गठित हुआ था, जबकि इसकी सिफ़ारिशें 2016 में लागू हुई थी। वही अबतक हर 10 सालों में नए वेतन आयोग का गठन होता आया है, ऐसे में 2024 में फिर नए वेतन आयोग या सैलरी के नए फॉर्मूले पर विचार की चर्चाएं तेज हो चली है।
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