सरकारी कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, अब अंतिम वर्किंग डे से कैलकुलेट होगी पेंशन, जानिए क्या है नया नियम, किस तरह मिलेगा लाभ

नए नियम के तहत, यदि कोई सरकारी कर्मचारी छुट्टी पर रहते हुए रिटायर होता है या उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उस दिन को छुट्टी के पीरियड में गिना जाएगा।
सरकारी कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, अब अंतिम वर्किंग डे से कैलकुलेट होगी पेंशन, जानिए  क्या है नया नियम, किस तरह मिलेगा लाभ

Central Employees News: सरकारी कर्मचारियों के लिए काम की खबर है। केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की पेंशन से जुड़ा एक अहम अपडेट जारी किया है। इसमें बताया गया है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी की पेंशन या फैमिली पेंशन कैलकुलेशन उसके आखिरी वर्किंग डे यानी रिटायरमेंट के हिसाब से की जाएगी।आसान शब्दों में कहें तो जिस दिन कर्मचारी की सेवा समाप्त होती है या उसकी मृत्यु हो जाती है, उसी दिन के नियमों के अनुसार उसकी पेंशन तय की जाएगी।

ऐसे समझें कैसे होगा पेंशन का कैलकुलेशन

30 अक्टूबर 2025 को कर्मचारी पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा जारी एक ऑफिस मेमोरेंडम में स्पष्ट किया गया है कि रिटायरमेंट, इस्तीफा, सर्विस से हटाए जाने या मृत्यु की स्थिति में उसी दिन को कर्मचारी का अंतिम कामकाजी दिन माना जाएगा यानि केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम 2021 के तहत वह दिन सर्विस पीरियड में शामिल रहेगा और पेंशन की गणना में उसकी गिनती की जाएगी।अगर कर्मचारी रिटायरमेंट से पहले छुट्टी पर था, अनुपस्थित था या सस्पेंशन में था, तो भी रिटायरमेंट या मृत्यु की तारीख उसी छुट्टी या सस्पेंशन अवधि का हिस्सा मानी जाएगी। अगर कोई कर्मचारी रिटायरमेंट या मृत्यु से पहले छुट्टी पर है या निलंबित है, तो उस दिन को उसी छुट्टी या निलंबन की अवधि का हिस्सा माना जाएगा।

फैमिली पेंशन में किस तरह काम करेगा नियम

फैमिली पेंशन पाने वालों के लिए भी नियम में साफ किया गया है। अब अगर किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है और उसके माता-पिता को उच्च दर पर फैमिली पेंशन मिल रही है, तो दोनों माता-पिता को हर साल अलग-अलग जीवन प्रमाण पत्र देना होगा।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी, पति या कोई योग्य बच्चा जीवित नहीं है, तो फैमिली पेंशन उसके माता-पिता को दी जाएगी. यह नियम Category ‘C’ और ‘D’ के तहत Rule 12 (5) of CCS (EOP) Rules, 2023 में बताया गया है। यदि जीवनसाथी और बच्चे पात्र नहीं हैं, तो माता-पिता को जीवन भर फैमिली पेंशन का लाभ मिलेगा।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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