कर्मचारियों-शिक्षकों को मिलेगी गुड न्यूज! रिटायरमेंट एज में 3 वर्ष की वृद्धि संभव, 62 से बढ़कर हो सकती है 65 साल, अगले हफ्ते बड़ी बैठक

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UP Teachers Retirement Age : उत्तर प्रदेश के कॉलेज और यूनिवर्सिटी के शिक्षकों को जल्द बड़ा तोहफा मिल सकता है।यूपी की योगी सरकार द्वारा आने वाले दिनों में शिक्षकों की रिटायरमेंट की उम्र में वृद्धि की जा सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र 3 साल और बढ़ाई जा सकती है। इसे 62 से बढ़ाकर 65 साल किया जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी के उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने हाल ही में एक बैठक का एजेंडा जारी किया है, जिसमें यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव कराए जाने के साथ रिटायरमेंट एज बढ़ाने पर विचार करने समेत कई अहम मुद्दे शामिल हैं। इस संबंध में राज्य सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद उपाध्याय ने 13 मार्च को एक बड़ी बैठक भी बुलाई है।वही कर्मचारी भी लंबे समय से सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने को लेकर मांग कर रहे है।

रिटायरमेंट एज 62 वर्ष से बढाकर 65 वर्ष हो सकती है

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अगर राज्य सरकार सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाती है, तो 20 राज्य विश्वविद्यालयों के 250 शिक्षकों और 503 सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेज शिक्षकों को इस साल और 18,000 शिक्षकों को आने वाले वर्षों में लाभ होगा। इससे पहले तत्कालीन समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार ने फरवरी 2004 में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी थी और अगर अब रिटायरमेंट एज बढती है तो यह 65 वर्ष हो जाएगी।

शिक्षा मित्रों की उम्र सीमा भी तय कर चुकी है सरकार

बता दे कि बीते दिनों उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में संविदा पर कार्यरत शिक्षामित्रों की अधिकतम उम्र सीमा तय की थी, इसके तहत अब शिक्षामित्र 60 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होंगे यानि शिक्षामित्रों की संविदा अधारित सेवाएं 60 साल उम्र होने पर स्वत: ही समाप्त हो जाएंगी। हालांकि उनका पहले की ही तरह हर साल नवीनीकरण होगा। वर्तमान में प्रदेश में 1.46 लाख शिक्षामित्र हैं।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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