खुशखबरी, सरकार ने बढ़ाई मजदूरी, अब प्रतिदिन मनरेगा श्रमिकों को मिलेंगे इतने रुपये

खुशखबरी, सरकार ने बढ़ाई मजदूरी, अब प्रतिदिन मनरेगा श्रमिकों को मिलेंगे इतने रुपये

Wages of “MNREGA” workers increased : केंद्र सरकार ने “मनरेगा” यानि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Scheme) के तहत मजदूरी दरों में पिछले दिनों 24 मार्च को वृद्धि की घोषणा करते हुए इसकी अधिसूचना जारी की है। केंद्र सरकार ने इसमें 7 रुपये से लेकर 26 रुपये तक वृद्धि की घोषणा की है, केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद झारखण्ड सरकार ने अपने राज्य में मनरेगा की मजदूरी दरों में वृद्धि की घोषणा कर दी।

झारखण्ड की सरकार ने उनके यहाँ मनरेगा के तरह काम करने वाले श्रमिकों के लिए मजदूरी दरों में वृद्धि करने की घोषणा की है , झारखण्ड के मजदूरों की मजदूरी दर में 18 रुपये की वृद्धि गई है इसमें राज्य सरकार का अंश 27 रुपये भी जुड़ेगा जिसके बाद श्रमिकों को प्रतिदिन 255 रुपये की मजदूरी मिलेगी।

वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए मनरेगा मजदूरी दर तय 

आपको बता दें कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रलय प्रत्येक वित्तीय वर्ष में राज्यों के हिसाब से मनरेगा की मजदूरी तय करता है, वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए झारखण्ड के मनरेगा के मजदूरों के लिए 228 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी तय की गई है जिसमें राज्य सरकार का अंशदान शामिल नहीं है, चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए अभी 210 रुपये मजदूरी दी जा रही है और इसी में 18 रुपये की वृद्धि कीगई है।

अभी झारखण्ड में इतनी मिलती है मजदूरी 

अभी 31 मार्च तक चल रहे चालू वित्तीय वर्ष में झारखण्ड में मनरेगा के मजदूरों को 210 रुपये केंद्र सरकार से मिलते हैं और राज्य सरकार इसमें 27 रुपये मिलती है इस हिसाब से अभी झारखण्ड में 237 रुपये प्रतिदिन मनरेगा की मजदूरी दी जा रही है जो 1 अप्रैल से बढ़कर 255 रुपये हो जाएगी।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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