मैसेज-इंटरसेप्शन के नए नियम बने, केंद्र सरकार ने किया ऐलान, 6 महीने की निगरानी सीमा तय की गई, पढ़ें खबर

केंद्र सरकार ने नए मैसेज इंटरसेप्शन को लेकर अधिसूचित किया है। एजेंसियों के लिए निगरानी सीमा तय की गई है।
Message Interception Rules

Message Interception Rules: मैसेज इंटरसेप्शन के नियमों को संशोधित किया है। केंद्र सरकार ने शनिवार को टेलीकम्युनिकेशन रूल्स 2024 के बारे अधिसूचित किया है। ये नियम काफी हद्द तक कॉल-इंटरसेप्शन नियम जैसे हैं। सरकार ने एजेंसियों के लिए 6 महीने की निगरानी सीमा तय की गई है।

ड्राफ्ट नियमों पर जनता की आपत्तियां और सलाहों के आधार पर इन नियमों को लागू करने का निर्णय लिया गया है। बता दें कि 28 अगस्त  2024 को केंद्र सरकार ने जनता को ड्राफ्ट नियमों पर अपनी सलाह और आपत्ति साझा करने के लिए आमंत्रित किया था। नए नियम निजता पर अधिकार (Right to Privacy) पर सवाल भी खड़े कर सकते हैं।

दो नोडल ऑफिसर नियुक्त करने होंगे (Nodal Officers For Message Inception)

एजेंसी को इंटरसेप्शन आदेशों के संचार को सुविधाजनक बनाने के लिए दो नोडल ऑफिसर भी नियुक्त करने होंगे, जो पुलिस अधीक्षक या समकक्ष रैंक से नीचे नहीं होने चाहिए। अधिकृत नोडल अधिकारियों द्वारा मैसेज इंटरसेप्शन से संबंधित किसी भी मामले को संभाल जाएगा। किसी भी अनाधिकृत अवरोधन को रोकने के लिए पर्याप्त और प्रभावी आंतरिक सुरक्षा उपाय भी लागू किए जाएंगे। प्राइवेसी और और सुरक्षा बनी रहे, यह सुनिश्चित किया जाएगा।

उच्च स्तरीय समिति का भी होगा गठन (High Level Committee) 

नए नियमों के तहत समीक्षा के लिए हाई लेवल कमिटी का गठन किया जाएगा। नेशनल लेवल कमिटी अध्यक्ष के रूप में कैबिनेट सचिव होंगे। सचिव, कानूनी मामलों का विभाग,  सचिव कानून और न्याय मंत्रालय और सचिव, दूरसंचार विभाग सदस्य के रूप शामिल होंगे। राज्य सरकार को भी एक समिति का गठन करना होगा। जिसमें राज्य के मुख्य सचिव, सचिव, कानून और कानूनी मामलों के प्रभारी कानूनी सलाहकार के अलावा राज्य सरकार सचिव और गृह सचिव भी शामिल होंगे।

क्या कहते हैं नए नियम? (New Rules For Message Interception)

  • नियमों के तहत मैसेज इंटरसेप्ट करने वाली एजेंसियों को व्यक्ति की पहचान, अधिकृत अधिकारी और डेटा नष्ट करने की समय सीमा जैसी जानकारी केंद्र सरकार को देनी होगी।
  • अपरिहार्य परिस्थितियों में संयुक्त सचिव या महान निरीक्षक स्तर या उससे ऊपर का अधिकारी भी अवरोधन का आदेश जारी कर सकता है। लेकिन अधिसूचना के अनुसार मैसेज इंटरसेप्शन आदेश जारी होने की तिथि से तीन कार्य दिवसों के भीतर सक्षम प्राथमिक प्राधिकारी को प्रस्तुत किया जाएगा। यदि सक्षम प्राधिकारी इसे सही समझे तो जारी होने की तिथि से 7 कार्य दिवसों की अवधि के भीतर ऐसे आदेश की पुष्टि कर सकता है।
  • यदि अनुमति मांगने वाले अधिकारियों को7  कार्य दिवस के भीतर कोई उत्तर नहीं मिलता है तो ऐसा अवरोधन बंद हो जाएगा और इंटरसेप्ट किए गए किसी भी मैसेज को किसी भी उद्देश्य के लिए उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। इसमें कोर्ट में प्रस्तुत करना भी शामिल है।
  • एजेंसियों को हर महीने में दो बार पाक्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। जिसमें पिछले पखवाड़े के दौरान प्राप्त इंटरसेप्शन आदेदेश की सूचना होगी। संदर्भ संख्या जारी या पुष्टि किए गए इंटरसेप्शन आदेशों की तारीख सहित अन्य जानकारी भी डिटेल में होनी चाहिए।
Manisha Kumari Pandey
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