वंदना तिवारी/कटनी। अब रेतीले इलाके में रहने वाले व्यक्ति भी ऊगा सकते हैं सब्जियां, इस नई तकनीक के माध्यम से साइना इंटरनेशनल के छात्रों ने नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है। सायना इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने खेती के पुराने तरीके से ही नहीं बल्कि नए तरीके भी अपनाकर खेती के नए आयाम चुने। बिना मिट्टी का प्रयोग किए कम से कम पानी की खपत में अनेक तरह के पौधे का उत्पादन करना एयरोपोनिक्स का मुख्य उद्देश्य है यह बताया साइना के प्रिंसिपल डॉ आदित्य कुमार शर्मा व जीव विज्ञान के शिक्षक सतीश गुप्ता ने। इनके निर्देशन में छात्र भारतीय सिंह व आदित्य अल्बस्था ने इस तकनीक का प्रयोग करते हुए हवा में आलू के पौधों का उत्पादन किया है। इस तकनीक में पौधों की जड़ों में स्प्रिंकल द्वारा पानी के साथ आवश्यक खनिज पदार्थ दिए जाते हैं पानी कुछ मिनटों के अंतराल में चंद सेकंडो के लिए चालू किया जाता है रोबोटिक्स के मशीनों की मदद से यह काम आसान हो गया है। बच्चों को बार बार पानी चालू नहीं करना पड़ता, जड़ों को पानी के ऊपर रखा जाता है उनको प्रकाश के समक्ष नहीं रखा जाता। यह तकनीक शहरों व रेतीले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं।
बच्चों ने इजाद की नई तकनीक, बिना मिट्टी के कम पानी में उगाएं सब्ज़ियां
Written by:Gaurav Sharma
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इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






