
Himanta Biswa Sarma reply to Abhishek Manu Singhvi
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं जालसाजी और मानहानि मामले में आरोपी पवन खेड़ा के वकील अभिषेक मनु सिंघवी को जवाब दिया है, असम सीएम ने X पर लिखा- “मुझे किसी से भी लोकतंत्र, सार्वजनिक संवाद या शिष्टाचार पर कोई शिक्षा नहीं चाहिए, खासकर अभिषेक मनु सिंघवी से तो बिल्कुल नहीं, शिष्टाचार और वे कभी एक साथ नहीं हो सकते।”
दर असल असम चुनावों के दौरान मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर तीन देशों के पासपोर्ट रखने और विदेशों में संपतियां और कंपनियां होने का दावा करने वाले कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को आज सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए सशर्त अग्रिम जमानत दे दी, इसके बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और अभिषेक मनु सिंघवी में प्रेस कांफ्रेंस कर इसे संविधान की जीत बताया और सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया।
हिमंता के शब्दों पर सिंघवी की आपत्ति
अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा पवन खेड़ा के लिए इस्तेमाल किये शब्दों पर आपत्ति जताई और कोर्ट से इस पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया, उन्होंने मीडिया से बात करते हुए भी इसका जिक्र किया और कहा सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री को तीन पन्नों में कोट किया है। वहीं, ऐसी कई बातें हैं जो न न्यायालय कोट कर सकती है और न मैं बोल सकता हूं।
खेद व्यक्त करें असम के मुख्यमंत्री : सिंघवी
उन्होंने कहा असम के मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए कि क्या एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की बातें करना शोभा देता है? सिंघवी ने कहा मैं चाहता हूं कि असम के मुख्यमंत्री इस बारे में गंभीरतापूर्वक विचार कर खेद व्यक्त करें।
मुझे किसी से कोई शिक्षा नहीं चाहिए : असम सीएम
अभिषेक मनु सिंघवी की मांग के बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने उन्हें जवाब दिया है, उन्होंने X पर लिखा- “मुझे किसी से भी लोकतंत्र, सार्वजनिक संवाद या शिष्टाचार पर कोई शिक्षा नहीं चाहिए, खासकर अभिषेक मनु सिंघवी से तो बिलकुल नहीं, शिष्टाचार और वे कभी एक साथ नहीं हो सकते।”
असली मुद्दा एक महिला से जुड़ा है, उसकी छवि खराब की गई है
मुख्यमंत्री ने लिखा- असली मुद्दा एक महिला से जुड़ा है जिसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन राष्ट्रीय टेलीविजन पर जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके दूसरे देशों से लाए गए दस्तावेजों से उसकी छवि खराब की गई है, मुझे पूरा विश्वास है कि अदालतें जल्द ही इस पर ध्यान देंगी और चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके एक महिला की छवि खराब करने के इस घिनौने कृत्य के लिए दोषी को सजा मिलेगी।
यह तो बस शुरुआत है, अंत नहीं: हिमंता
हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा डॉ सिंघवी, ऐसे मंच पर बोलना आसान है जहां मैं जवाब देने के लिए मौजूद नहीं हूं। इसे बहस नहीं कहते यह तो बस निष्पक्ष चर्चा से बचना है, जिसकी आप वकालत कर रहे थे और मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ, यह तो बस शुरुआत है, अंत नहीं।
I don’t need lessons on democracy, public discourse or decency from anyone, especially from @DrAMSinghvi . Decency and him can never be in the same room.
The real issue here pertains to a woman – who has nothing to do with politics – but has her character assassinated on…
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) May 1, 2026
सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री को तीन पन्नों में कोट किया है। वहीं, ऐसी कई बातें हैं जो न न्यायालय कोट कर सकती है और न मैं बोल सकता हूं।
ऐसे में असम के मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए कि क्या एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को ये शोभा देता है?
मैं चाहता हूं कि असम के… pic.twitter.com/S6n0D2YAmM
— Congress (@INCIndia) May 1, 2026
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

