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28वें CSPOC सम्मेलन की मेजबानी को भारत तैयार, 14 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी करेंगे उद्धाटन, 61 देशों के पीठासीन अधिकारी होंगे शामिल

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
भारत आगामी 14 से 16 जनवरी तक 28वें राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन (CSPOC) की मेजबानी करने जा रहा है। CSPOC सम्मेलन की जानकारी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी।
28वें CSPOC सम्मेलन की मेजबानी को भारत तैयार, 14 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी करेंगे उद्धाटन, 61 देशों के पीठासीन अधिकारी होंगे शामिल

भारत की राजधानी दिल्ली में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होने वाला है। सम्मेलन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। भारत आगामी 14 से 16 जनवरी तक 28वें राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन (CSPOC) की मेजबानी करने जा रहा है। 14 जनवरी से शुरू हो रहे इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया भर के लोकतांत्रिक मूल्यों की झलक देखने को मिलेगी। CSPOC सम्मेलन की जानकारी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी।

प्रधानमंत्री मोदी करेंगे सम्मेलन का उद्घाटन

ओम बिरला ने CSPOC 2026 सम्मेलन से पहले सोमवार, 12 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित संसद परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि यह ऐतिहासिक सम्मेलन 14, 15 और 16 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहा है। सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। उम्मीद है कि यह सम्मेलन भारत की तकनीकी प्रगति और वैश्विक संसदीय सहयोग की प्रतिबद्धता को विश्व मंच पर दर्शाएगा।

बता दें कि भारत में 28वीं CSPOC होस्ट करने का फैसला, MEA से सलाह करके, जनवरी 2020 में ओटावा में हुई 25वीं CSPOC के दौरान लिया गया था। ओम बिरला ने इस कॉन्फ्रेंस में इंडियन पार्लियामेंट्री डेलीगेशन (IPD) को लीड किया था।

CSPOC सम्मेलन में पाकिस्तान नहीं लेगा हिस्सा

लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि इस सम्मेलन में IPU और CPA के अध्यक्ष सहित कॉमनवेल्थ देशों और सेमी-ऑटोनॉमस पार्लियामेंट्स के 61 अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी भाग लेंगे। इस दृष्टि से यह CSPOC के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा सम्मेलन होगा। इसके साथ ही ओम बिरला ने कहा कि पाकिस्तान इसमें हिस्सा नहीं लेगा और बांग्लादेश में अभी स्पीकर नहीं है, क्योंकि अगले महीने आम चुनाव होने हैं।

CSPOC सम्मेलन का उद्देश्य

CSPOC का उद्देश्य राष्ट्रमंडल देशों की संसदों में निष्पक्षता को बनाए रखना, उसे सुदृढ़ करना तथा संसदीय लोकतंत्र और संस्थाओं को सशक्त बनाना है। भारत इससे पहले वर्ष 1971, 1986 और 2010 में भी इस सम्मेलन की सफल मेजबानी कर चुका है। इस बार पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में कई नये विषय जैसे संसद को जनता के करीब लाने और इससे जोड़े रखने पर केंद्रित होगा।

28वें CSPOC के प्रमुख विषय

• संसदीय कार्यप्रणाली में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया का उपयोग
• संसदों में नवाचार और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा
• सांसदों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण