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महाप्रभु जगन्नाथ आज जाएंगे मौसी के घर, रथ यात्रा का पूरा शेड्यूल, उत्सव और रस्में

आज से पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत होगी। भगवान जगन्नाथ, प्रभु बलराम और माता सुभद्रा अपनी मौसी के घर यानी गुंडिचा मंदिर जाएंगे। चलिए इस दौरान होने वाले उत्सव और रस्मों के बारे में जानते हैं।
Jagannath Rath Yatra

ओडिशा के पुरी में आज से विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा की शुरुआत होने जा रही है। इस रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ 12वीं शताब्दी के जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक 9 दिन की वार्षिक यात्रा पर निकलेंगे। इस धार्मिक यात्रा में दुनिया भर के लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।

आज से शुरू होने वाली इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ के रथ नंदिघोष, भगवान बलभद्र के तालध्वज और माता सुभद्रा के दर्पदलन रथ को लगभग 3 किलोमीटर का खींचकर गुंडिचा मंदिर तक ले जाया जाता है। चलिए आपको इस यात्रा के पूरे शेड्यूल की जानकारी देते हैं।

कब से कब तक चलेगी यात्रा

16 जुलाई यानी आज से रथ यात्रा का शुभारंभ हो रहा है। इसके बाद भगवान अपनी मौसी के घर यानी गुंडिचा मंदिर में प्रस्थान करेंगे। वो यहां कुछ दिन रहेंगे। इसके बाद 24 जुलाई को बाहुदा यात्रा निकलेगी, जब भगवान की मुख्य मंदिर में वापसी होगी। 25 जुलाई को तीनों देवों का सोने के भव्य आभूषणों से अलौकिक श्रृंगार किया जाएगा।

रथ यात्रा के उत्सव और रस्में

16 जुलाई को रथ यात्रा शुरू होगी और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, माता सुभद्रा रथ पर सवार होकर गुंडिचा मंदिर की तरफ स्थान करेंगे।

20 जुलाई को हेरा पंचमी के दिन माता लक्ष्मी भगवान जगन्नाथ को खोजने गुंडिचा मंदिर आती हैं।

24 जुलाई को बहुदा यात्रा यानि भगवान की मुख्य मंदिर की ओर वापसी यात्रा शुरू होती है।

25 जुलाई को सुना बेष यानी सोने के आभूषणों से भव्य श्रृंगार किया जाता है।

26 जुलाई को अधर पना यानी रथों पर विराजित देवताओं को एक विशेष पवित्र पेय अर्पित किया जाता है।

27 जुलाई को नीलाद्री बीजे यानी भगवान वापस मुख्य मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करते हैं।

पीएम मोदी ने दी बधाई

जगन्नाथ रथ यात्रा के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा पवित्र रथ यात्रा के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। यह भारत की सदियों पुरानी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की अनूठी अभिव्यक्ति है। इस परंपरा ने भारत और दुनिया भर में कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है। महाप्रभु जगन्नाथ से सभी के उत्तम स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की कामना है।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
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