कोलकाता में चल रही श्री हनुमंत कथा के दूसरे दिन बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जिन्हें बागेश्वर सरकार के नाम से जाना जाता है की पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से खास मुलाकात हुई। सौजन्य भवन में हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। मुलाकात के दौरान एक मंत्री के पर्ची निकालने के आग्रह पर बागेश्वर सरकार का मुख्यमंत्री आवास में दिव्य दरबार लगाने वाला बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।
दरअसल स्वागत समारोह में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बागेश्वर सरकार को मां दुर्गा का चित्र और पूजन सामग्री भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद दोनों ने रात्रि भोज में हिस्सा लिया। आत्मीय माहौल में धर्म, समाज और आध्यात्मिक मूल्यों पर बातचीत हुई। कार्यक्रम में मौजूद कई मंत्रियों और अधिकारियों ने भी बागेश्वर सरकार से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया।
CM हाउस में दिव्य दरबार वाली बात क्यों बनी चर्चा का केंद्र?
वहीं रात्रि भोज के दौरान कार्यक्रम का सबसे चर्चित पल तब आया जब एक मंत्री ने मुस्कुराते हुए बागेश्वर सरकार से कहा, “बाबा, एक पर्ची निकाल दीजिए।” इस पर बागेश्वर सरकार ने जवाब दिया कि एक दिन का दिव्य दरबार मुख्यमंत्री आवास में भी लगना चाहिए। उनके इस जवाब के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच उत्साह का माहौल बन गया। इस बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे। मुलाकात में धार्मिक परंपराओं, समाज में आध्यात्मिक मूल्यों और जनसेवा से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह श्रद्धा और आत्मीयता से भरा रहा।
बागेश्वर धाम आने का दिया न्योता
वहीं इस दौरान बागेश्वर सरकार ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, मंत्रिमंडल के सदस्यों और विधायकों को बागेश्वर धाम आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि सभी लोग अवसर मिलने पर धाम आएं और वहां की धार्मिक गतिविधियों में शामिल हों। श्री हनुमंत कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु लगातार पहुंच रहे हैं। दूसरे दिन का यह सम्मान समारोह भी कथा का प्रमुख आकर्षण बना। सौजन्य भवन में हुई इस मुलाकात ने आध्यात्मिक संवाद को नई चर्चा दी, जबकि मुख्यमंत्री आवास में दिव्य दरबार लगाने वाली टिप्पणी पूरे कार्यक्रम की सबसे बड़ी सुर्खी बन गई।
सौरभ शुक्ला, छतरपुर






