नई दिल्ली: दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े कथित घोटाले के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट से बरी होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के भावुक होने पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर तीखा हमला बोलते हुए उनके इस भावुक क्षण को एक ‘सोची-समझी नौटंकी’ करार दिया है। मिश्रा ने कहा कि दिल्ली की जनता केजरीवाल के ऐसे तरीकों से भली-भांति परिचित है।
शुक्रवार को अदालत का फैसला आने के बाद अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भावुक हो गए थे। इसी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि केजरीवाल जब सत्ता में थे तब भी नाटक करते थे और अब भी वही कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि दिल्ली की जनता ने उन्हें नकार दिया है।
कई गंभीर सवाल उठाए
कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल की ईमानदारी पर सवाल उठाते हुए कई अहम बिंदु सामने रखे। उन्होंने पूछा कि अगर आम आदमी पार्टी सरकार की शराब नीति इतनी ही साफ-सुथरी और भ्रष्टाचार-मुक्त थी, तो जैसे ही इस पर आरोप लगे, उसे तुरंत वापस क्यों ले लिया गया?
उन्होंने आगे कई सवाल दागे:
- शराब पर कमीशन को 6% से बढ़ाकर 12% क्यों किया गया?
- दिल्ली में ‘एक बोतल के साथ एक बोतल फ्री’ जैसी स्कीम क्यों चलाई गई?
- इस नीति के कारण सरकारी खजाने को राजस्व का घाटा क्यों उठाना पड़ा?
मिश्रा ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर केजरीवाल ईमानदार हैं तो उन्हें इन सवालों का सीधा जवाब देना चाहिए, लेकिन उनके पास कोई जवाब नहीं है।
‘ज्यादा खुशी न मनाएं, मामला हाई कोर्ट में है’
कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें ज्यादा जश्न नहीं मनाना चाहिए क्योंकि यह कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने याद दिलाया कि सीबीआई ने राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दे दी है।
“अरविंद केजरीवाल इतनी खुशी मत मनाइए। अभी मामला हाई कोर्ट पहुंचा है और भूल गए इस केस को लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने क्या टिप्पणी की थी। इसलिए कानून अपना काम करेगा।”- कपिल मिश्रा
उन्होंने स्पष्ट किया कि केजरीवाल को शराब घोटाले से जुड़े हर सवाल का जवाब देना ही होगा। गौरतलब है कि शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 23 अन्य लोगों को इस मामले में बरी कर दिया था, जिसके बाद यह राजनीतिक विवाद और गहरा गया है।





