कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या के बीच बेंगलुरु टनल रोड प्रोजेक्ट (टीआरपी) को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। शिवकुमार ने सूर्या की आलोचना को खारिज करते हुए उन्हें “युवा और अनुभवहीन” बताया और कहा, “लड़का अभी छोटा है, मैं बात नहीं करना चाहता… वह टनल रोड की बात करता रहता है, लेकिन वह है कौन?” उन्होंने सूर्या को “कचरा सामग्री” तक कह डाला और सलाह दी कि वे कार की बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।
तेजस्वी सूर्या ने शिवकुमार के बयान को “भारत के युवाओं का अपमान” करार देते हुए पलटवार किया। उन्होंने इसे “उम्रवादी मानसिकता” बताया और कहा, “मैं बेंगलुरु का साधारण निवासी और आम कन्नड़िगा हूं।” सूर्या ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार सार्वजनिक परिवहन के खिलाफ “युद्ध” छेड़ रही है और टीआरपी सिर्फ अमीर कार मालिकों को फायदा पहुंचाएगा, जो “अवैज्ञानिक और सार्वजनिक धन की बर्बादी” है।
बेहतर सार्वजनिक परिवहन की जरूरत
तेजस्वी सूर्या ने खुद को नियमित मेट्रो और ऑटो रिक्शा उपयोगकर्ता बताया और कहा कि शहर को टनल की नहीं, बेहतर सार्वजनिक परिवहन की जरूरत है। उन्होंने विशेषज्ञों से परामर्श की मांग की और कहा कि अगर राजनीतिक कारणों से सवाल उठाए जा रहे हैं, तो भी विशेषज्ञ इस परियोजना का विरोध करेंगे।
मस्क कार और टनल-बोरिंग कंपनी के मालिक
एलन मस्क के टनल प्रोजेक्ट के समर्थन पर तेजस्वी सूर्या ने तंज कसा कि मस्क कार और टनल-बोरिंग कंपनी के मालिक हैं, इसलिए उनका समर्थन स्वाभाविक है, लेकिन टनल सार्वजनिक परिवहन के लिए इस्तेमाल होनी चाहिए। यह विवाद बेंगलुरु के यातायात संकट के समाधान को लेकर दोनों नेताओं की अलग-अलग सोच को उजागर करता है।






