IAS Collector salary : कलेक्टर बनने पर कितनी मिलती है सैलरी? गाड़ी-बंगले के अलावा क्या क्या सुविधाएं-पावर? सबकुछ जानें यहां

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Collector Salary/Power/Facility : UPSC सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा माना जाता है। इस परीक्षा पास होने के बाद उम्मीदवारों का रैंक के हिसाब से IAS, IPS, IFS, IRS जैसे पदों पर चयन होता है , लेकिन इन सब में IAS सबसे ऊंचा और पावरफुल पद माना जाता है,क्योंकि एक आईएस डीएम (District Magistrate) से लेकर कैबिनेट सेक्रेटरी तक के पद पर काम करता हैं। कैबिनेट सेक्रेटरी सबसे बड़ा ऊंचा पद होता है, ऐसे में आज हम आपको बताते हैं कि एक जिला कलेक्टर या किसी अन्य पद पर तैनात किसी आईएएस अफसर को कितनी सैलरी और क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं।

एक कलेक्टर को कितनी मिलती है सैलरी

  • वर्तमान में भारत सरकार के अधीन कर्मचारी 7वें वेतन आयोग के अनुसार सैलरी स्ट्रक्चर के हकदार हैं, जिनमें कलेक्टर और आईएएस अफसर शामिल है।
  • एक IAS ऑफिसर की सैलरी 56,100 रुपए महीने से लेकर 2,25,000 तक होती है। 7वें वेतन आयोग के मानदंडों के अनुसार शुरुआत में एक जिला कलेक्टर 56,100 रुपये प्रति माह के वेतन मिलता है और अनुभव के साथ यह 2,50,000 रुपये प्रति माह तक हो सकता है।
  • इसके अलावा कलेक्टर को महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, यात्रा भत्ता, मेडिकल भत्ता जैसे कई भत्तों का भी लाभ मिलता है।
  • सभी भत्ते मिलाकर एक आईएएस अधिकारी को शुरुआती दिनों में कुल 1 लाख रुपये प्रतिमाह से ज्यादा सैलरी मिलती है।
  •  जिला कलेक्टर को जिला मजिस्ट्रेट के समान ही शक्ति और पद प्राप्त होता है और इसलिए जिला कलेक्टर का वेतनमान जिला मजिस्ट्रेट के वेतनमान के समान होता है।

मिलती है ये भी सुविधाएं

  1. कलेक्टरों को नौकरी की पूरी सिक्योरिटी है। किसी कलेक्टर को बर्खास्त करना आसान नहीं है और इस तरह की प्रक्रिया के लिए संविधान में उल्लिखित गहन जांच की आवश्यकता होती है।
  2. एक से तीन वाहनों के साथ-साथ एक ड्राइवर , सुरक्षा के लिए 3 हाउस गार्ड और 2 बॉडीगार्ड प्रदान की जाती है. किसी खतरे की स्थिति में STF कमांडो भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
  3. एक कलेक्टर के आधिकारिक आवास को बिजली पूरी तरह से मुफ़्त या काफी सब्सिडी वाला उपलब्ध कराया जाता है।
  4. यात्रा भत्ता (टीए): कलेक्टरों को उनकी प्रासंगिक यात्रा लागतों को कवर करने के लिए यात्रा भत्ता मिलता है।
  5.  राज्य की राजधानी में आवास के अलावा, कलेक्टरों को एक सेवा क्वार्टर दिया जाता है जहां उन्हें तैनात किया जाता है।
  6.  मुफ्त टॉकटाइम, SMS और इंटरनेट के साथ तीन BSNL सिम कार्ड दिए जाते हैं।इसके अतिरिक्त उनके पास घर पर मुफ्त ब्रॉडबैंड कनेक्शन और BSNL लैंडलाइन की सुविधा है।

कलेक्टर के क्या क्या काम होते है

  • कलेक्टर या जिला कलेक्टर उस जिले में भूमि राजस्व प्रणाली और सभी प्रकार के सरकारी टैक्सों के प्रशासन के प्रभारी होते हैं, जिसमें वे तैनात होते हैं।
  • जिला कलेक्टर टैक्स कलेक्ट करने के लिए जिम्मेदार है, उसे टैक्स संबंधी विवादों को देखना होता है, और इसे निष्पक्ष तरीके से हल करने के लिए उचित कोर्ट सेशन आयोजित करना होता है ।
  • भूमि अधिग्रहण, उसके मूल्यांकन और भू-राजस्व के संग्रह का मध्यस्थ एक जिला कलेक्टर को भूमि से संबंधित हर मामले की देखभाल करनी होती है ।आयकर बकाया, उत्पाद शुल्क, सिंचाई बकाया और उसके बकाया का कलेक्ट करना।
  • कलेक्टर के पास जिले में राजस्व प्रबंधन से जुड़ा सबसे बड़ा पद होता है,इनका काम जिले को अच्छी तरह से मैनेज करने का होता है। कलेक्टर को किसी राज्य के एक जिले की जिम्मेदारी सौंप दी जाती है।

नोट – यह सभी जानकारी विभिन्न स्त्रोतों से जुटाई गई है, इसमें फेरबदल भी हो सकता है।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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