अब ममता बनर्जी के खास कल्याण बनर्जी के बगावती तेवर, बोले- “TMC में या तो अभिषेक रहेगा या मैं, दीदी तय करें”

कल्याण बनर्जी ने कहा- मेरा उनके साथ खून का रिश्ता नहीं है, लेकिन हम 35-40 साल से उनके साथ काम कर रहे हैं। इसलिए, दीदी को चुनना होगा कि वह किसके साथ आगे बढ़ेंगी जिनसे उनका खून का रिश्ता है, या हमारे साथ। 
Kalyan Banerjee TMC Lok Sabha MP

Kalyan Banerjee TMC Lok Sabha MP

विधानसभा चुनावों की हार के बाद से अचानक 28 साल पुरानी ममता बनर्जी की पार्टी TMC में तूफ़ान सा आ गया है जिसने पार्टी की जड़ों को ही हिला दिया है, करीब 64 विधायकों और 20 लोकसभा सांसदों के साथ छोड़ने के बाद अब एक एक कर राज्यसभा सांसद भी साथ छोड़ रहे हैं, इसी बीच ममता बनर्जी के सबसे खास नेताओं में से एक लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी के बगावती तेवर आज गुरुवार को सामने आये जिसें बंगाल की सियासत को हिला दिया है

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस में जो कुछ भी रहा है उसकी असली धुरी ममता बनर्जी नहीं उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी बताये जा रहे हैं पार्टी से किनारा करने वाले अधिकांश विधायकों और सांसदों ने स्पष्ट कहा है कि उन्हें दीदी से कोई परेशानी नहीं वे अभी भी उन्हें अपना नेता मानते हैं लेकिन अभिषेक बनर्जी का व्यवहार उन्हें ये करने पर मजबूर कर रहा है , उठापटक के इस क्रम में टीएमसी को आज एक और बड़ा झटका लगा है।

इस घटना ने दिलाया कल्याण बनर्जी को गुस्सा 

ममता बनर्जी के सबसे खास नेताओं में एक लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी के आज बगावती तेवर दिखाई दिए ,  उनकी नाराजगी अभिषेक बनर्जी के व्यवहार को लेकर सामने आई, मामला एक कोर्ट केस से जुड़ा है, जिसकी पैरवी कल्याण बनर्जी कर रहे थे सुनवाई आज गुरुवार को होनी थी लेकिन अचानक बुधवार देर रात कल्याण बनर्जी को इस केस से हटा दिया गया और उनकी जगह जूनियर वकील अयान भट्टाचार्य को पैरवी सौंप दी जिससे कल्याण बनर्जी उखड गए उन्होंने इसे अपना अपमान माना है।

मुझे अभिषेक का घमंडी रवैया पसंद नहीं: कल्याण 

कल्याण बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा  मेरे लिए ये बहुत अपमानजनक है इसलिए मैंने तय किया है कि अब मैं अभिषेक बनर्जी का कोई भी केस नहीं लड़ूंगा क्योंकि मुझे उनका घमंडी रवैया पसंद नहीं है। गुस्से से भरे कल्याण बनर्जी ने कहा मैंने इस पेशे में 45 साल बिताए हैं, ये सभी लोग मेरे साथ जूनियर के तौर पर काम कर चुके हैं। वह मेरा अपमान कैसे कर सकते हैं? राजनीति में भी मैं उनसे सीनियर हूं। वह ऐसा नहीं कर सकते।

दीदी तय करें पार्टी में कौन रहेगा अभिषेक या मैं 

चुनावी नतीजों की बात करते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा अभिषेक बनर्जी को यह समझना होगा कि उन्हीं की वजह से हम हारे। उन्हें यह भी समझना होगा कि पार्टी उन्हीं की वजह से इस संकट का सामना कर रही है। मैं अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता। मैं दीदी से निवेदन करता हूँ अगर आप अभिषेक बनर्जी पर निर्भर रहेंगी, तो उन्हीं के साथ रहें – मुझे छोड़ दें। लेकिन अगर आप अभिषेक बनर्जी से अलग हो जाती हैं, तो मैं आपके साथ हूं। उन्होंने हमारी पार्टी को बर्बाद कर दिया है।

जब तक यह ‘बॉस’ वाला रवैया रहेगा, पार्टी नहीं टिकेगी

गुस्से से आग बबूला कल्याण बनर्जी ने मीडिया से कहा अभिषेक बनर्जी में बहुत घमंड है, मैंने कई नेताओं के केस लडे हैं हमेशा दीदी और पार्टी के साथ खड़ा रहा हूँ लेकिन “जब तक यह ‘बॉस’ वाला रवैया रहेगा, पार्टी नहीं टिकेगी। अगर अभिषेक बनर्जी वहां बने रहे, तो पार्टी नहीं चलेगी। वे अकेले तृणमूल कांग्रेस नहीं हैं। हम दीदी के साथ हैं, लेकिन उन्हें तय करना होगा कि वह किसके साथ आगे बढ़ना चाहती हैं। कल्याण बनर्जी ने कहा अभिषेक बनर्जी के साथ दीदी का खून का रिश्ता है। मेरा उनके साथ खून का रिश्ता नहीं है, लेकिन हम 35-40 साल से उनके साथ काम कर रहे हैं। इसलिए, दीदी को चुनना होगा कि वह किसके साथ आगे बढ़ेंगी जिनसे उनका खून का रिश्ता है, या हमारे साथ।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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