
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी संकट बढ़ गया है, विरोध और बगावत के सुर तेज होने लगे हैं इस बीच पार्टी नेतृत्व ने बुधवार को बड़ा कदम उठाया, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी की सभी प्रमुख समितियों और सहयोगी संगठनों को भंग कर दिया है। उधर पार्टी से निष्कासित किये गए विधायक रितब्रता बनर्जी (रितब्रता बंदोपाध्याय) ने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर उन्हें 58 विधायकों के समर्थन वाला पत्र सौंपा।
TMC ने भंग की पार्टी की सभी समितियां
टीएमसी में बढ़ते तनाव और टूट के बीच पार्टी की सभी समितियां भंग कर दी गई हैं, पार्टी ने अपने अधिकृत X एकाउंट पर लिखा- “गहरे विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है कि पश्चिम बंगाल में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की सभी समितियाँ, साथ ही इसके सभी सहयोगी संगठन, तत्काल प्रभाव से भंग कर दिए गए हैं। पार्टी हर स्तर पर व्यापक आत्मनिरीक्षण, प्रदर्शन समीक्षा और संगठनात्मक मूल्यांकन करेगी। इस मूल्यांकन के निष्कर्षों के आधार पर, मुख्य संगठन और सभी अधीनस्थ संगठनों की संगठनात्मक संरचना का पुनर्गठन किया जाएगा और उचित समय पर इसकी घोषणा की जाएगी। पार्टी अपने संगठन को सुदृढ़ करने और भविष्य की चुनौतियों का नए जोश और उद्देश्य के साथ सामना करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
पार्टी से निष्कासन के बाद कड़े हुए विधायकों के तेवर
चुनावी हार और अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हमले के बाद टीएमसी में अंदरूनी कलह भी शुरू हो गई, इन दो घटनाओं के बाद ममता बनर्जी ने पार्टी की संगठनात्मक बैठक बुलाई जिसमें 80 में से कई विधायक शामिल नहीं हुए, ममता के धरने में भी कम विधायक शामिल हुए, जिसके बाद पार्टी ने विधायक रितब्रता बनर्जी और संदीपन साहा को निष्कासित कर दिया, निष्कासन के बाद इन दोनों विधायकों के तेवर कड़े हो गए और दावे किये जाने लगे कि 80 में ज्यादातर विधायक उनके साथ हैं।
58 विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र स्पीकर को सौंपा
बागियों ने अलग बैठक कर एकजुटता दिखाई और आज 58 विधायकों के समर्थन और हस्ताक्षर वाला पत्र लेकर विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की, खास बात ये है कि जो पत्र विधानसभा अध्यक्ष रथीन्द्र बोस को सौंपा गया है उसमें विधायकों ने विधायक दल का नेता रितब्रता बनर्जी (रितब्रता बंदोपाध्याय) को प्रस्तावित किया है, खबर है कि विधानसभा स्पीकर ने इसे स्वीकार भी कर लिया है।
After careful consideration, it has been decided that all committees of the All India Trinamool Congress in West Bengal, as well as all its frontal organisations, shall stand dissolved with immediate effect.
The party will undertake a comprehensive exercise of introspection,…
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) June 3, 2026
West Bengal | TMC MLAs have submitted a letter to the Legislative Assembly Speaker with 58 signatures proposing the name of Ritabrata Bandyopadhyay as the LoP. The Speaker accepted the letter.
(Photo source: TMC MLAs) pic.twitter.com/b0YG2Lh9Uh
— ANI (@ANI) June 3, 2026
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