पंजाब के अमृतसर में मनीष सिसोदिया ने नशा मुक्ति अभियान को लेकर विधायकों को चेताया, कहा- जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता

आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने अमृतसर में 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' मुहिम के तहत पार्टी नेताओं और विधायकों को संबोधित किया। उन्होंने दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए विधायकों को हर गांव की जवाबदेही लेनी होगी और मिशन मोड में काम करना होगा।
Manish Sisodia

अमृतसर: आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब प्रभारी और दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने राज्य में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को लेकर पार्टी विधायकों और पदाधिकारियों को सख्त संदेश दिया है। अमृतसर में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत एक बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी विधायक के इलाके के एक भी गांव या वार्ड में नशा बिक रहा है, तो उसे नींद नहीं आनी चाहिए।

सिसोदिया ने पार्टी नेताओं को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास दिलाते हुए कहा कि यह लड़ाई सिर्फ लड़नी नहीं, बल्कि जीतनी भी है। उन्होंने विधायकों से सवाल किया, “कोई विधायक अपने ब्लॉक इंचार्ज को फोन करके क्यों नहीं पूछता कि क्या हो रहा है? विधायक खुद गांव क्यों नहीं जाता? ज़िम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता।”

‘दिल्ली में शक्तियां छीनीं, फिर भी काम किया’

मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सरकार का उदाहरण देते हुए केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने तो भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई, लेकिन केंद्र ने खतरा महसूस कर दिल्ली सरकार से एंटी-करप्शन ब्रांच (एसीबी) छीन ली।

“बाद में आईएएस अधिकारियों से लेकर शिक्षकों और सेवादारों तक के ट्रांसफर की पावर भी छीन ली गई। सभी पावर छीन लेने के बावजूद, हमने काम करना जारी रखा और नतीजे दिए। हमने ऐसे स्कूल और अस्पताल बनाए जो भारत में पहले कभी नहीं देखे गए।”- मनीष सिसोदिया, आप नेता

उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल कह सकते थे कि वह शक्तियों के बिना काम नहीं कर सकते, लेकिन उन्होंने काम करके दिखाया, जिसके चलते दिल्ली की जनता ने 2020 में 70 में से 62 सीटें दीं।

‘यह लड़ाई बच्चों के भविष्य के लिए है’

सिसोदिया ने भावुक अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई अपने लिए नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के लिए है। उन्होंने सवाल किया, “क्या आप गारंटी दे सकते हैं कि 10 साल बाद आपका बच्चा नशे में नहीं पड़ेगा? गारंटी बस यही है कि हम सब मिलकर पंजाब को नशा मुक्त बनाएं। आप गुरुओं और शहीदों की धरती पर पैदा हुए हैं। आपको वहीं से ताकत लेनी चाहिए।”

उन्होंने अपने और सत्येंद्र जैन के खिलाफ मामलों का भी जिक्र किया। सिसोदिया ने कहा, “ईमानदारी की इस इमेज को तोड़ने के लिए सत्येंद्र जैन को झूठे केस में गिरफ्तार किया गया। मुझ पर भी कथित शराब घोटाले का आरोप लगाया गया। पहले 10,000 करोड़ कहा, फिर 1,000 करोड़, फिर 100 करोड़ और कोर्ट में यह ज़ीरो हो गया। कोर्ट ने कहा कि कोई केस नहीं है।”

31 मार्च तक ब्लॉक स्तर पर होंगी बैठकें

अभियान की भविष्य की रणनीति बताते हुए सिसोदिया ने कहा कि 24 मार्च से 31 मार्च तक सभी ब्लॉकों में बैठकें की जाएंगी। हर विलेज डिफेंस कमेटी (VDC) रिपोर्ट देगी कि उनका गांव नशा मुक्त है या नहीं। उन्होंने कहा, “अगर नशा बिक रहा है तो जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए। विधायक और हलका इंचार्ज ब्लॉक इंचार्जों का पूरा साथ दें।”

उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सिसोदिया ने यह भी स्पष्ट किया कि 31 मार्च के बाद वह खुद गांव-गांव जाकर प्रगति का जायजा लेंगे और हर हलके को नशा मुक्त करने के लिए समय-सीमा तय करनी होगी।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

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