मां का इलाज कराने के लिए नाबालिग पहुंच गया किडनी बेचने, फिर हुआ ये…

मां का इलाज कराने के लिए नाबालिग पहुंच गया किडनी बेचने, फिर हुआ ये…

Minor reached to sell kidney for mother’s treatment : दो दिन बाद मदर्स डे है और इस दिन दुनियाभर में मां की महिमा का बखान किया जाता है। हर किसी के लिए अपनी मां दुनिया की सबसे अच्छी मां होती है और ये अपने जज्बातों को ज़ाहिर करने का दिन होता है। लेकिन दीपांशु को इस दिन के बारे में कुछ नहीं मालूम..उसे तो बस ये मालूम है कि किसी तरह मां का इलाज करवाना है।

मां का इलाज करवाना है और इसके लिए पैसे जुटाना है और इसके लिए वो अपनी किडनी बेचने को तैयार हो गया। गया जिले का रहने वाले दीपांशु के पिता की मौत हो चुकी है और उसकी मां ने जैसे तैसे उसे बड़ा किया। होश संभालते ही उसने अपनी मां का साथ देने के लिए काम तलाशने शुरु कर दिया। नाबालिग दीपांशु रांची पहुंचा और वहां एक होटल में काम करने लगा। इसी बीच उसे पता चला कि उसकी मां के पैर टूट गए हैं।

मां का इलाज कराने के लिए पैसे चाहिए थे और इसके पैसे उसके पास थे नहीं। उसे कुछ नहीं सूझा तो वो रांची रिम्स के पास एक प्राइवेट अस्पताल में पहुंच गया और कहा कि अपनी किडनी बेचनी है। वो किडनी बेचकर उससे मिले पैसों से मां का इलाज कराना चाहता था। ये बात वहां के एक कर्मचारी ने सुन ली जो रिम्स के डॉक्टर विकास को जानता था। डॉक्टर विकास रिम्स में न्यूरो सर्जरी विभाग में हैं और वो इस तरह के केस में अक्सर ही लोगों की मदद किया करते हैं। ये बात उन तक पहुंची तो उन्होने दीपांशु को अपने पास बुलाया और कहा कि अपनी मां को रिम्स लेकर आए, वहां उनका निशुल्क इलाज हो जाएगा। इस तरह इस कहानी को एक सही मोड़ मिल गया और अब दीपांशु की मां का सही तरह से इलाज हो पाएगा।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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