आज शाम 2 हफ्ते लॉक डाउन बढ़ाने का ऐलान कर सकते है मोदी

आज शाम 2 हफ्ते लॉक डाउन बढ़ाने का ऐलान कर सकते है मोदी

नई दिल्ली। कोरोना संकट को लेकर लागू किए गए लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल को पूरी हो रही है,लेकिन हालात काबू नही हो पा रहे है, कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, ऐसे में केन्द्र की मोदी सरकार लॉक डाउन बढ़ाने की तैयारी में है, इसके लिए कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इसका समर्थन किया है।अब इसको 30 अप्रैल तक बढ़ाए जाने के संकेत मिल रहे हैं। माना जा रहा है कि पीएम मोदी इस बैठक के बाद देश को संबोधित कर सकते हैं।

दरअसल, आज शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ देशव्यापी लॉकडाउन को आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा की। इस बैठक में अधिकतर राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाया जाने का समर्थन किया।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान प्रधानमंत्री मोदी मास्क लगाकर चर्चा करते दिखाई दिए। इसके अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी मास्क पहन रखा था।हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से इसे लेकर अब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। माना जा रहा है कि लॉकडाउन बढ़ना लगभग तय है। संभवतः इसे 30 अप्रैल तक बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह इसी फॉर्म में आगे बढ़ेगा या इसमें कुछ बदलाव होंगे या लोगों को बीच में कोई छूट मिलेगी।

गौरतलब है कि पंजाब और ओडिशा पहले ही अपने राज्यों में जारी लॉकडाउन की अवधि को बढ़ा चुके हैं। वहीं देश में जारी लॉकडाउन आने वाले मंगलवार को खत्म हो रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विभिन्न पहलुओं पर राज्य सरकारों से विचार मांगे हैं, जिसमें यह जानकारी भी शामिल है कि क्या अधिक लोगों और सेवाओं को छूट दी जानी चाहिए।माना जा रहा है आज वीसी के बाद पीएम मोदी लॉक डाउन बढ़ाने का फैसला कर सकते है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews