
लोकसभा में विपक्षी दलों के भारी हंगामे के कारण मंगलवार को भी सदन में कोई कामकाज नहीं हो सका। विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी और तख्तियां प्रदर्शित करने की वजह से सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करने के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन के बीचोबीच आकर नारेबाजी की जिससे शून्यकाल सहित अन्य कार्यवाही बाधित रही।
सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखवाए लेकिन विपक्षी सदस्यों ने फिर से नारेबाजी और हंगामा तेज कर दिया। पाल ने बताया कि कार्य मंत्रणा समिति में ऑपरेशन सिंदूर पर 16 घंटे की चर्चा के लिए सहमति बन चुकी है फिर भी विपक्ष ने सहयोग नहीं किया।
विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा
दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई, लेकिन विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा। पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने विपक्ष से अपनी सीटों पर लौटने और सदन चलाने में सहयोग करने की अपील की, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों, विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर, पर चर्चा को तैयार है लेकिन विपक्षी सदस्यों का तख्तियां लाना और हंगामा करना आपत्तिजनक है। उन्होंने विपक्ष के व्यवहार को करदाताओं के पैसे की बर्बादी बताया।
सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए सरकार तैयार
विपक्षी दलों पर संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए सरकार की तत्परता दोहराई, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी और हंगामा जारी रखा। आखिरकार पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। विपक्ष के इस रवैये से लोकसभा में लगातार दूसरे दिन कोई विधायी कार्य नहीं हो सका, जिससे संसदीय कार्यवाही पर गहरा असर पड़ा है।
