ये हैं 2022 के सबसे कॉमन और खतरनाक पासवर्ड, 1 सेकंड से भी कम समय में हो जाएंगे क्रैक

online

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। हम डिजिटल युग में जी रहे हैं। आज बैंकिंग, ऑनलाइन रिजर्वेशन, मनोरंजन से लेकर तमाम चीजें ऑनलाइन हो रही हैं। इसीलिए डिजिटल आइडेंटिटी को सेफ रखना सबसे महत्वपूर्ण है और इसके लिए सबसे अहम है एक स्ट्रॉंग और सुरक्षित पासवर्ड (password)। ये पहली चीज है जिसे लेकर आपको डबल श्योर होना चाहिए कि इसे हैक करना किसी के लिए भी आसान न हो।

MP Weather: 3 दिन बाद एक्टिव होगा नया पश्चिमी विक्षोभ, गिरेगा तापमान, बढ़ेगी ठंड, पढ़े मौसम विभाग का पूर्वानुमान

दिनोंदिन बढ़ते सायबर क्राइम के बीच किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए डिजिटल सेफ्टी के बारे में जानकारी जरुरी है। NordPass की ताजा रिपोर्ट में भारत में इस्तेमाल होने वाले ऐसे 200 पासवर्ड का खुलासा किया गया है जो सबसे लोकप्रिय है और इसीलिए खतरनाक भी हैं। इन्हें क्रैक करने में हैकर्स को बहुत समय नहीं लगता। 123456…ये एक ऐसा पासवर्ड है जो सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। लिस्ट में इसे दूसरे नंबर पर रखा गया है और इसे क्रैक करने में एक सेकंड से भी कम समय लगता है। इसमें 10वें नंबर पर googledummy पासवर्ड है और इसे क्रैक करने में हैकर्स को सिर्फ 23 मिनिट लगते हैं।

2022 की रिपोर्ट में बताया गया हैै कि इसमें 73 प्रतिशत पासवर्ड साल 2021 के ही हैं, जो सबसे कॉमन है। इसी के साथ एक चेतावनी वाली जानकारी ये भी है कि इस साल के पासवर्ड्स में से 83 प्रतिशत ऐसे हैं जिन्हें क्रैक करने में एक सेकंड से भी कम समय लगेगा। Statista की 2017 में आई रिपोर्ट के मुताबिक साइबर क्राइम का शिकार होने वाले देशों की लिस्ट में भारत चौथे नंबर पर था। भारत के अलावा अन्य देशों में भी स्थिति अलग नहीं है और ‘123456’ और ‘password’ दुनियाभर में इस्तेमाल किये जाने वाले टॉप टू पासवर्ड है। इसी के साथ ‘iloveyou’ ‘111111’ ‘guest’, ‘qwerty’ भी लिस्ट में है जिन्हें एक सेकंड से भी कम समय में क्रैक किया जा सकता है। ‘pass@123’ दुनिया में 34वां सबसे कॉमन पासवर्ड है और भारत में 17वां सबसे कॉमन पासवर्ड है। इसीलिए हमेशा कहा जाता है कि मजबूत पासवर्ड में हेमशा अपरकेस या लोअरकेस, नंबर, सिंबल और अक्षर का कॉम्बिनेशन हो। सबसे अहम ये कि ये रेंडम होना चाहिए न कि आपकी जन्मतारीख, साल, लोकप्रिय पैटर्न या मुहावरे आदि हो जिनका अंदाजा लगाना आसान हो। इसी के साथ संभव हो तो टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन) का भी इस्तेमाल करना चाहिए जिससे आपकी सिक्योरिटी अधिक मजबूत हो जाएगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews