आज पूरे देश में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जा रहा है। हर वर्ष 12 जनवरी को मनाया जाने वाला यह दिवस महान भारतीय संत, दार्शनिक और विचारक स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर आयोजित किया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित करना है, जो देश के भविष्य की रीढ़ हैं। इस मौके पर स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और विभिन्न युवा संगठनों में कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को उनके विचारों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत युवा लीडर्स डायलॉग के समापन सत्र में भाग लेंगे, जहां युवा विभिन्न राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर विचार प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने आज के दिन देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि “भारतीय युवाशक्ति के सशक्त प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद को उनकी जयंती पर मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व विकसित भारत के संकल्प में निरंतर नई ऊर्जा का संचार करने वाला है। मेरी कामना है कि राष्ट्रीय युवा दिवस का यह दिव्य अवसर सभी देशवासियों, विशेषकर हमारे युवा साथियों के लिए नई शक्ति और नया आत्मविश्वास लेकर आए।”
राष्ट्रीय युवा दिवस
राष्ट्रीय युवा दिवस हर साल 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जन्मतिथि पर मनाया जाता है। भारत सरकार ने 1984 में इस दिन को राष्ट्रीय युवा दिवस घोषित किया, ताकि युवाओं में आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा की भावना जगाई जा सके। स्वामी विवेकानंद युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति मानते थे और उनका मानना था कि यदि युवा जागरूक और चरित्रवान हों तो देश को प्रगति के शिखर पर पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता। उनका मानना था कि युवा राष्ट्र की ऊर्जा हैं और उनका सही मार्गदर्शन देश को विकसित बना सकता है।
स्वामी विवेकानंद जयंती
स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। वे स्वामी रामकृष्ण परमहंस के प्रमुख शिष्य थे और उन्होंने वेदांत दर्शन को विश्व मंच पर स्थापित किया। वर्ष 1893 में शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में दिए गए उनके ऐतिहासिक भाषण ने पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा को नई पहचान दिलाई। उनका प्रसिद्ध संदेश “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” आज भी युवाओं को संघर्ष और कर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। स्वामी विवेकानंद का मानना था कि सच्ची शिक्षा वही है जो व्यक्ति के चरित्र का निर्माण करे और उसे समाज के लिए उपयोगी बनाए।
आज भी प्रासंगिक हैं उनके विचार
राष्ट्रीय युवा दिवस पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिनमें स्कूलों और कॉलेजों में वाद-विवाद, भाषण, निबंध जैसी प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सेमिनार शामिल हैं। युवा सम्मेलन, योग सत्र, ध्यान कार्यक्रम और फिटनेस गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं। राष्ट्रीय युवा दिवस हमें याद दिलाता है कि युवा सिर्फ देश का भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान की भी सबसे मजबूत शक्ति हैं। स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को आत्मनिर्भर, साहसी और समाज के प्रति जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देते हैं।





