संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में माहौल उस वक्त गरमा गया जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगाए गए आरोपों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि विश्व व्यापार संगठन (WTO) में उनकी सरकार ने नहीं, बल्कि कांग्रेस ने सरेंडर किया था।
वित्त मंत्री बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सवालों का जवाब दे रही थीं। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस के पिछले कार्यकाल की याद दिलाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की आर्थिक नीतियां मजबूत हैं और किसी भी सूरत में राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।
बंगाल सरकार पर बरसीं वित्त मंत्री, कट मनी का लगाया आरोप
निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को भी निशाने पर लिया। TMC के इन आरोपों पर कि बजट में बंगाल के लिए कुछ भी नहीं है, वित्त मंत्री ने कहा, “ये गलत आरोप लगा रहे हैं। बंगाल की जनता के हित में ये कुछ नहीं कर सकते हैं और कहते हैं कि केंद्र ने बंगाल को कुछ नहीं दिया।”
उन्होंने आगे कहा कि TMC नेताओं को सुप्रीम कोर्ट में डांट खानी पड़ेगी, जिसके बाद वे फिर केंद्र सरकार पर दोष मढ़ेंगे। सीतारमण ने कटाक्ष करते हुए कहा कि शायद TMC नेता कट मनी लेते होंगे, इसीलिए ऐसी बातें कर रहे हैं। इसी दौरान उनके पीछे बैठे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ‘बंगाल में बीजेपी आएगी।’
वित्त मंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ममता बनर्जी के एक बयान पर भी सवाल उठाए।
“यह गलत है। आप कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं कर रहे हो और सिर्फ महिलाओं के ऊपर दोष डालते जा रहे हैं कि उन्हें रात में बाहर नहीं आना चाहिए।” — निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री
किसानों और कारोबारियों को दिया भरोसा
राजनीतिक हमलों के अलावा, वित्त मंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था और किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि देश में क्रेडिट की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि उर्वरकों (फर्टिलाइजर्स) के लिए एक अलग बजट आवंटित किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सीतारमण ने कहा कि सरकार का जोर सिर्फ MSME पर ही नहीं, बल्कि दशकों से स्थापित पुराने बिजनेस को भी बढ़ावा देने पर है। उन्होंने कहा, “मत्स्यपालन और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। देश में लगभग 200 पुराने क्लस्टर हैं, जैसे लुधियाना, जालंधर या कानपुर में, जिन्होंने MSME को सपोर्ट किया है। हमने इन क्लस्टर्स को फंड करने, उन्हें अपग्रेड करने और आधुनिक उपकरण देने का फैसला किया है।”





